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हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान

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सोनभद्र। सहायक अध्यापक पद पर बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर शिक्षामित्रों को आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा ताकत का एहसास कराया। धरना और प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार पर धोखा देने का आरोप मढ़ा। कहा कि हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने एसडीआई विमला शंकर त्रिपाठी को मांगपत्र सौंपा।
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जिला संयोजक शशिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि एक अगस्त को सूबे के मुख्यमंत्री ने कहा कि था कि 15 दिनों में उचित हल निकालने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक समस्याओं पर विचार तक नहीं किया गया है। एक भी मांग शासन के एजेंडे में नहीं रखा गया है। जिला संयोजक वकील अहमद खां, मुरारे नाथ कुशवाहा, अजीत सिंह, विनोद मौर्य और विजय चौबे ने कहा कि अविलंब मांगों को पूर्ण नहीं किया गया तो 21 अग्रस्त को सत्याग्रह आंदोलन उग्र आंदोलन का रूप धारण करेगा। हक की लड़ाई लड़ने के लिए वह लोग पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार चाहे तो अध्यादेश लाकर हम शिक्षकों को संवार सकती है। क्योंकि केंद्र और प्रदेश सरकार के पास कानून संसोधन करने का अधिकार है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार के अड़ियल रवैये ने प्रदेश के 1.72 लाख लोगों को एवं उनके परिवार को जिंदा लाश बनाकर रख दिया है। दिलीप त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, वीना मिश्रा, राकेश सिंह, अरूण केशरी, प्रेम बहादुर यादव और अफजल अहमद ने कहा कि प्रदेश सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। दोपहर दो बजे समस्त शिक्षामित्र मौन आंदोलन के रूप में डीएम कार्यालय पहुंच कर सीएम के नाम मांगपत्र सौंपा। सुशील सिंह, प्रमोद पांडेय, बालकिशुन, सरिता मौर्य, अशोक चौबे, नीलम सिंह, बबिता, महिमा, अनीता, चंदा, सुनीता आदि मौजूद रही।
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