सोनभद। जिले में रविवार की देर रात करीब एक घंटे झमाझम बारिश हुई। फिर सोमवार की सुबह से ही मौसम साफ हो गया और धूप निकल गई। बारिश से करीब 25 फीसदी चने के फूल झड़ गए हैं, जिससे पैदावार प्रभावित होगी। गेहूं किसानों के लिए यह बारिश अमृत मानी जा रही है। उधर, मौसम के बार-बार परिवर्तन से बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
जिले में शनिवार की शाम से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। रुक-रुक कर हो रही बारिश से जहां चने के फूल झड़ गए हैं, वहीं सरसों की फसल को भी क्षति हो रही है। हालांकि यह बारिश गेहूं किसानों के लिए काफी लाभप्रद है। रविवार की रात करीब साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे तक झमाझम बारिश हुई। इससे सड़कें कीचड़युक्त हो गई हैं। लोगों को पैदल आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले में शनिवार को से ही मौसम में बदलाव हो गया है। रविवार को तो दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। लगातार कुछ घंटों के अंतराल पर बारिश होती रही। इससे एक बार फिर ठंड लौट आई हैं। बारिश ने एक बार फिर गलन बढ़ा दी है। इससे लोग फिर गर्म वस्त्र पहनने लगे हैं। उधर, बारिश का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। रविवार की शाम और फिर देर रात हुई बारिश से ठंड बढ़ने के साथ ही किसानों के चेहरे पर मायूसी भी बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय का कहना है कि यह बारिश चना, सरसों के किसानों के लिए तो हानिकारक है, लेकिन गेहूं के किसानों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि इस दो दिन की बारिश से करीब 25 फीसदी चना की फसल प्रभावित हुई है। चने के फूल झड़ने से काफी नुकसान होने की उम्मीद है। सरसों की खेती भी इससे प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल के लिए यह बारिश अमृत की तरह है। इस वक्त जब किसानों को गेहूं की सिंचाई के लिए बारिश की जरूरत थी, तब पानी बरसने से गेहूं के किसानों को काफी राहत मिली है। बारिश से सड़कें कीचड़ युक्त हो गई हैं। गांवों में सड़कों पर फिसलन हो गई है जिससे आवागमन में लोगों को दिक्कत हो रही है।