सोनभद्र। देश के संपूर्ण क्रांति के प्रणेता माने जाने वाले जय प्रकाश नारायण के आंदोलन में हिस्सा लेने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान यूपी सरकार ने बढ़ाया है। बुधवार को यूपी कैबिनेट ने इन सेनानियों को रोडवेज में मुफ्त यात्रा और अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा की घोषणा की है। इसका लाभ जिले के 26 सेनानियों और उनके परिवार के लोगों को मिलेगा। इस पर सेनानियों ने खुुशी जाहिर की है।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी नरेंद्र नीरव कहते हैं कि जय प्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति में जिन लेेगों ने भाग लिया था, उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन के लिए आंदोलन किया था। उन्हें यह नहीं मालूम था कि बाद में उन्हें किसी तरह की सरकारी सहायता मिलेगी। उस समय देश में बेरोजगारी, भुखमरी खत्म करने, शिक्षा नीति, संविधान में परिवर्तन, भ्रष्टाचार रोकने के लिए आंदोलन किया था। कहा, यदि देश में परिवर्तन न हो, दलित, गरीबों पर जुल्म होता रहे। दुष्कर्म होते रहें, गरीबी खत्म न हो तो तब की क्रांति का कोई फायदा नहीं है। सिर्फ लोकतंत्र सेनानियों का कुछ पैसा बढ़ जाना, कुछ सुविधाएं दिया जाना ही काफी नहीं है। उन्होंने सरकार के फैसले का स्वागत भी किया और कहा कि सरकार ने सुविधाएं बढ़ाई हैं तो खुशी है लेकिन जो भी अंशदान मिल रहा है, वह जनता के टैक्स से मिल रहा है। इसलिए लोकतंत्र सेनानियों को एक हिस्सा जनता पर भी खर्च करना चाहिए। कहा, पहले यह सम्मान मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री रहते शुरू किया था, अब योगी ने आगे बढ़ाया है इसके लिए धन्यवाद है। यह लोकतंत्र का सम्मान है। लोकतंत्र सेनानी योगेश शुक्ला ने कहा कि सरकार ने सुविधाएं बढ़ाकर जो तोहफा दिया है वह स्वागत योग्य है। कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी को सजग होने की जरूरत है। अवध बिहारी चौबे ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी के हालात देखे हैं। लोकतंत्र की रक्षा में जिन लोगों ने यातनाएं सही हैं, उनके लिए यह पुरस्कार लोकतंत्र की रक्षा का उपहार है। सरकार के इस फैसले का उन्होंने स्वागत किया।
जिले में ये हैं लोकतंत्र सेनानी
रमाशंकर त्रिपाठी, विश्वनाथ सिंह, तीरथराज, जगदीश, अवध बिहारी चौबे, परशुराम गिरि, हरिशंकर त्रिपाठी, कृष्णानंद पाठक, अक्षय लाल, रूस्तम सिंह, रमाशंकर, श्रृंगार, रामकृष्ण तिवारी, योगेश शुक्ला, शिवशंकर गुप्ता, रामअवध यादव, नरेंद्र नीरव, निवास पांडेय, कैलाश गुप्ता, प्रेमनाथ शर्मा, नागेश्वर, हरिश्चंद्र, घिनुई, धनुकी, राज किशोर, गयादीन हैं ।