चकाड़ी गांव में स्वीकृत पुल एवं ओबरा सी प्लांट के निर्माण में क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग को लेकर 111 लोगों की बेमियादी भूख हड़ताल आंबेडकर चौराहे पर दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही। अनशन के 30 घंटे बीतने के बाद भी शासन प्रशासन की ओर से कोई पहल नही की गई। न ही कोई चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भेजा गया। चिकित्सकों के अभाव में चार अनशनकारी रामविलास दुबे, कलावती देवी, हरिावती देवी, सुमित्रा देवी को डिहाइड्रेशन हो गया और चक्कर आने लगा। तब स्थानीय चिकित्सक से इलाज कराया गया। धीरे-धीरे अन्य अनशनकारियों की हालत बिगड़ती जा रही है।
वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते समस्याओं का निराकरण नही किया तो यह आंदोलन पूरे आदिवासी क्षेत्रों में विकराल रूप धारण कर सकता है। जन आंदोलन प्रतिनिधिमंडल के हरदेव नारायण तिवारी, रमेश यादव, बृजेश तिवारी, आरपी त्रिपाठी, प्रभात पांडेय, अमरेश यादव, सत्यम मिश्रा, राम चंद्र गोंड़, उदित नारायण खरवार ने प्रशासन से मांग किया है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए पहल करे। यदि किसी अनशनकारी के साथ कुछ हुआ तो आंदोलन तेज होगा। अनशनकारियों का कहना है कि मांगे माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।