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उम्भा जंगल में लगी आग, 72 बीघा में रोपित पेड़-पौधे खाक

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कोतवाली क्षेत्र के उम्भा जंगल में बुधवार को लगी भीषण आग में करीब 18 हेक्टेयर यानी 72 बीघा में पौधरोपित पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग टीम द्वारा ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
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घोरावल से पश्चिम दिशा में 30 किलोमीटर दूर मिर्जापुर-सोनभद्र सीमा के करीब उम्भा जंगल में बुधवार को दिन में करीब ग्यारह बजे अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की ऊंची लपटों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। वन विभाग के बीट प्रभारी सूबेदार प्रसाद ने तत्काल क्षेत्रीय वन रेंज कार्यालय, फायर बिग्रेड और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर वन क्षेत्राधिकारी एसके राम, वन दरोगा अंजनी मिश्रा, चंदन सिंह, नीटू शर्मा आदि पहुंच गए और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। आग पौधरोपित क्षेत्र में लगी थी इसलिए करीब 72 बीघे में लगे पौधों को नुकसान हुआ है। जिला मुख्यालय से अधिक दूरी और दुर्गम इलाका होने से आग पर नियंत्रण के बाद फायर बिग्रेड मौके पर पहुंच पाया। वन विभाग यह नही बता पा रहा है कि आग किन परिस्थितयों में लगी। वन दरोगा अंजनी मिश्रा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत रिकार्ड संख्या में पौधरोपण किया गया था। उसी जंगल में लगी आग में करीब 18 हेक्टेयर यानी 72 बीघा के पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए। बड़ी संख्या में नीम, शीशम, पाकड़, मकायन, सेमल इत्यादि के पेड़-पौधे इस अग्नि की भेंट चढ़ गए। कहा कि उक्त मामले की जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में पौधरोपित जंगल में आग लगी।
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