ब्लॉक सभागार में बुधवार को सुशासन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर विभिन्न बिंदुओं पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षु आईएएस एवं बीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि जॉब कार्ड की वैधता पांच साल की होती है। पांच साल के बाद वैधता समाप्त हो जाती है एवं श्रमिक का नया जॉब कार्ड निर्गत किया जाता है। उन्होंने कहा कि जॉब कार्ड का भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप पर ही भेजे। पंजीयन के बाद अपने आवंटित ग्राम पंचायत में नए श्रमिकों को जॉब कार्ड निर्गत करें। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सीमा शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सात रजिस्टर हरहाल में उपलब्ध रहे। इनमें जॉब कार्ड आवेदन रजिस्टरए ग्राम सभा की बैठक, कार्य की मांग, कार्य रजिस्टर, निर्धारित परिसंपत्ति पंजिका, शिकायत पंजिका, सामग्री पंजिका इनका हर हाल में रखरखाव कर ग्राम पंचायतों में रखा जाए। कहा, इसके अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड हर कार्यस्थल पर लगवाया जाए। सरकारी मानक के अनुसार ही इन की रंगाई पुताई करके सूचना अंकित कराया जाए। इसके साथ ही मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों का विवरण दीवार लेखन के जरिए हर वित्तीय वर्ष का किया जाए, जिससे लोगों को जानकारी मिल सके। प्रशिक्षण में एडीओ पंचायत रवि दत्त मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, आशा यादव, राजबहादुर, गंगाराम यादव, ग्राम रोजगार सेवक एवं तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।