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गरीबों को आवास, मनरेगा से 95 दिन मिलेगा रोजगार

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सोनभद्र। यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण शुरू किया है। इसके तहत जिले में गांवों के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उन्हीं गांवों को चयनित किया जाएगा जो प्राकृतिक आपदा, कालाजार से प्रभावित होंगे। मुसहर वर्ग के लोगों के साथ ही जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित परिवारों को भी आवास दिया जाएगा। नक्सल प्रभावित सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली में आवास के लिए एक लाख 30 हजार रुपये और 95 दिन मनरेगा से रोजगार भी दिया जाएगा। सरकारें अब तक इंदिरा आवास, लोहिया आवास, प्रधानमंत्री आवास योजनाएं संचालित कर चुकी हैं। इसमें से कई संचालित हैं तो कुछ योजनाएं बंद हो गई हैं। अब यूपी सरकार ने गरीब वर्ग के लोगों को छत मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे गांव जो प्राकृतिक आपदा, कालाजार आदि से प्रभावित होंगे, उन्हें पात्रता के अनुसार आवास दिया जाएगा। मुसहर जाति वर्ग के लोगों को भी योजना में शामिल किया गया है। इसके लिए तहसील स्तर पर मुसहर जाति की जनगणना भी शुरू कर दी गई है। परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण एनएन मिश्रा ने बताया कि योजना के तहत पात्रों को 25 वर्ग मीटर का आवास दिया जाएगा जिसमें रसोईघर के लिए भी स्थान चिन्ह्ति होगा। नक्सल प्रभावित सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली में पात्रों को एक लाख 30 हजार रुपये और अन्य जिलों में एक लाख रुपये ही दिये जाएंगे। पात्रों के खाते में अनुदान की राशि तीन किश्तों में भेजी जाएगी। नक्सल क्षेत्रों के पात्रों को मनरेगा से 95 दिन का रोजगार और अन्य जिलों के पात्रों को 90 दिन का रोजगार दिया जाएगा। पीडी ने बताया कि आवास के अलावा शौचालय का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम या मनरेगा के तहत कराया जाएगा। पात्रों के लिए चयन के लिए कमेटी जल्द ही बनेगी, फिर योजना को संचालित करने के लिए गांवों का चयन किया जाएगा।
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