सोनभद्र। भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्या के निराकरण की मांग उठाई। सोनलिफ्ट से नहर चलाकर किसानों को पानी देने और सोनभद्र को सूखाग्रस्त जिला घोषित कराने की मांग की।
किसान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष फूलचंद सिंह पटेल ने बताया कि इस वर्ष जिले में बारिश कम हुई है। 10 अगस्त के बाद अच्छी वर्षा नहीं हुई है। घाघर मुख्य नहर के सोनभद्र के किसानों को 21 सितंबर से 25 सितंबर केवल पांच दिन धान के सिंचाई के लिए पानी दिया गया। इससे नहर और माइनरों के किनारे कुछ किसानों को ही आंशिक लाभ मिल पाया है। राजवाहों, माइनरों, कुलावा के टेल पर पानी नहीं पहुुंच पाया है। सोन लिफ्ट के चार पंप लगातार नहीं चलाया गया। विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अनियमित हो रही है। इससे जिले के अधिकांश कृषि क्षेत्रों में धान, अरहर, मक्का, तिल, उड़द, मिर्च, टमाटर की फसल सूख रही है। ऐसी परिस्थिति में किसानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। किसानों के बच्चों की पढ़ाई, लिखाई, शादी व्याह का समय से हो पाना संभव नहीं है। ऋण अदायगी भी नहीं कर पायेंगे। आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी। डा. सच्चिदानंद द्विवेदी ने कहा कि संगठन यूपी सरकार और जिला प्रशासन से मांग करता है कि जिले को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए। कृषि ऋणों की वसूली स्थगित किया जाए, इस अवधि के कृषि ऋणों के ब्याज से मुक्त किया जाए, सोन लिफ्ट के चार पंप लगातार चलाए जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने मांग उठाया कि विद्युत आपूर्ति निर्धारित घंटों तक लगातार दिया जाए। कृषि बीमा कंपनी के द्वारा क्षतिपूर्ति का आकलन कराकर उसकी क्षतिपूर्ति कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जय प्रकाश सिंह, इंद्रजीत सिंह, प्रभुपाल सिंह, राजाराम मौर्य, नंदलाल सिंह पटेल, राम बहादुर, सदानंद सिंह, दयाराम सिंह मौजूद रहे।