सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर के बढ़ौली चौक, मेन चौक, धर्मशाला चौक, शीतला माता मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर परिसर स्थित मां काली मंदिर, सातो माता मंदिर, रेलवे फाटक के अलावा जगह-जगह स्थापित पूजा-पांडालों में शुक्रवार को दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, फूल-माला, फल आदि का प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया।
शाहगंज: कस्बे में स्थापित मां दुर्गा का दर्शन करने के लिए कस्बा समेत आस पास के गांवों से बड़ी संख्या में भक्तों ने मत्था टेका। नव दुर्गा पूजा कमेटी घोरावल रोड शाहगंज, बाल दुर्गा पूजा कमेटी राजपुर रोड, दुर्गा पूजा कमेटी संकट मोचन मंदिर राजपुर रोड, दुर्गा पूजा कमेटी संकट मोचन तिराहा की ओर से स्थापित पूजा पांडाल में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। ओबरा: दुर्गा पूजा कमेटी शिक्षा निकेतन, सेक्टर दस सिनेमा रोड, गीता मंदिर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, वीआईपी गेस्ट हाउस के बगल में स्थापित पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। म्योरपुर: नवयुवक मंगल दल समिति किरबिल के तत्वावधान में नवरात्रि के अवसर पर बाजार में भव्य दुर्गा पंडाल में भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन-पूजन किया। बभनी: बाजार समेत चपकी, फरसाटोला, घघरी, चौना आदि गांवों में देवी मंदिरों एवं दुर्गा पूजा पंडालों में पूजा-अर्चना की गई। रामगढ़: कस्बा स्थित दक्षिणेश्वरी सिद्धपीठ काली मंदिर पर पंडित महेश कुमार मिश्र के जरिए विधिवत पूजा कराई गई। घोरावल/शिवद्वार: शिवद्वार में उमामहेश्वर मंदिर, घोरावल नगर के दुर्गा मंदिर एवं कड़िया के कौलेश्वरी मंदिर के अलावा पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। चोपन: काली मंदिर, शक्तिपरांबा पीठ मंदिर, दुर्गा मंदिर के साथ ही कुड़ारी देवी धाम के साथ ही पूजा पंडालों में पूजन-अर्चन किया गया। विंढमगंज: काली शक्तिपीठ मंदिर पर पूजन-अर्चन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। रेणुकूट: पिपरी वन देवी मंदिर के अलावा जगह-जगह स्थापित पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। डाला: वैष्णो देवी मंदिर पर श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। दुद्धी: कस्बा स्थित मां काली मंदिर के अलावा संकट मोचन मंदिर में स्थित पूजा पांडाल में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। सलखन: मां दुर्गा पूजा समिति मारकुंडी में स्थापित पंडाल में जगत जननी मां दुर्गा की पूजन-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। वाराणसी से आए पंडित राजेश पांडेय के जरिए विधि-विधान से वैदिक मंत्रोंचार के बीच पूजन-अर्चन एवं आरती कराई गई। भंडारे का भी आयोजन किया गया। नवरात्र के नौवें दिन जिले भर में देवी मंदिरों के अलावा पूजा-पांडालों में पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की गई ।
उधर, शारदीय नवरात्र के नौवें दिन शुक्रवार को जिले भर में देवी के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्रोच्चार एवं जय माता दी के जयकारे से समूचा पूजा-पंडाल गुंजायमान रहा। नवरात्र की नौवीं आराध्य देवी माता सिद्धिदात्री हैं। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व और बशित्व ये आठ प्रकार की सिद्धियां हैं। जिन्हें पाकर साधक सुख-समृद्धि का प्रतीक बन जाता है। माता का यह स्वरूप महालक्ष्मी जी का है। महाज्ञान की देवी जगत को संचालित करती हैं। माता को लाल रंग सबसे प्रिय है। इनकी पूजा से सभी भौतिक और आध्यात्मिक कामनाओं की पूर्ति होती है। देवी मंदिरों एवं पूजा-पंडालों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। दर्शनार्थियों का देर रात तक तांता लगा रहा।