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समान काम के समान वेतन का कानून खत्म करने की कोशिश

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सोनभद्र (अनपरा)। ठेका श्रमिक कानून की धारा 25 को समाप्त कर समान काम के समान वेतन और न्यूनतम वेतन पाने के कानूनी अधिकार को संविदा श्रमिकों से छीनने की कोशिश पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए विभिन्न मजदूर संगठनों ने रविवार को बड़े आंदोलन का ऐलान किया। इसको लेकर यूपी बिजली बोर्ड इम्पलाइज यूनियन (सीटू) कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में बने सातवें वेतन आयोग की 18000 रू0 न्यूनतम वेतन करने की अनुशंसा को लागू कराने, हर श्रमिक को ग्रेच्युटी लाभ देने और अनपरा व ओबरा में ईएसआई अस्पताल निर्मित कराने के सवालों पर बड़ा जनअभियान चलाने का निर्णय हुआ। जुलाई माह में उपश्रमायुक्त कार्यालय पर घरना देने और अगस्त माह में बड़ा सम्मेलन करने का फैसला लिया गया।
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ठेका मजदूर यूनियन के कृपाशंकर पनिका, शंकर दयाल बैसवार, कुलदीप पाल, तेजधारी गुप्ता, मोहन प्रसाद, आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की निर्मला सिंह, मिड डे मील कर्मचारी यूनियन की कुसुम, आशा कर्मचारी यूनियन के शिव कुमार उपाध्याय, मजदूर एकता संघ के अजीत कुमार सिंह, राजू चौधरी, ग्रामीण मजदूर मंच के रमेश सिंह खरवार को मजदूर संघर्ष समिति का संयोजक चुना गया। संयोजक मण्डल का संरक्षक एटक के जिलाध्यक्ष लल्लन राय, समन्वयक सीटू के जिलाध्यक्ष अवधराज सिंह और प्रवक्ता ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र पाल को बनाया गया है। यूपी वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहा मोदी की सरकार कारपोरेट पूंजी चहेती बनी हुई और उसकी सेवा के लिए श्रम के बूते जिंदगी जीने वालों पर हमला कर रही है। कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों को खत्म किया जा रहा है। इस मौके पर सीटू के प्रदेश मंत्री विशम्भर सिंह, आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की प्रदेश कोषाध्यक्ष बबिता आदि मौजूद रहे।
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