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सौ साल का हो जाएगा किसानों का भाग्यविधाता धंधरौल

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सोनभद्र। चतरा ब्लॉक में 4570 मिलियन घन फीट क्षमता वाले धंधरौला बांध को बने 28 जून को पूरे सौ वर्ष पूरे हो जाएंगे। मिर्जापुर के मड़िहान तक के क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी देने वाले इस बांध का निर्माण तत्कालीन अंग्रेज शासकों ने किया था, जो अब भी क्षेत्रीय लोगों के लिए जीवन दायिनी है। किसानों को अनाज उगाने से लेकर आम लोगों को पीने तक का पानी इस बांध से उपलब्ध होता है।
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28 जून 1917 को धंधरौल बांध का निर्माण अंग्रेज शासकों ने कराया था। काफी लंबे-चौड़े इस बांध की पानी की क्षमता 4570 मिलियन घन फीट है। गर्मी के दिनों में बांध में पानी काफी कम हो जाता है और फिर बारिश में यह बांध पूरी तरह से लबालब भर जाता है जो पूरे साल भर जिले के चतरा, राबट्र्सगंज और घोरावल ब्लॉक के साथ ही मिर्जापुर जिले के राजगढ़ ब्लॉक के लोगों के काम आता है। वर्तमान में इस बांध में 125 मिलियन घन फीट पानी है। बारिश के दिनों में ज्यादा निर्धारित क्षमता से ज्यादा पानी होने पर उसे निकालने के लिए बांध में करीब दस फाटक भी लगे हुए हैं। यह फाटक इमरजेंसी में ही खुलते हैं। वर्षों पूर्व बांध की दीवार में सीपेज की चर्चा सामने आई थी लेकिन तब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उसकी मरम्मत करा दी थी और अब तक यह बांध सोनभद्र की करीब पांच लाख और मिर्जापुर की करीब दो लाख आबादी के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस बांध से निकले घाघर मुख्य नहर से चतरा, राबट्र्सगंज ब्लॉक के तमाम गांव, घोरावल ब्लॉक के तमाम गांवों के सथ ही मिर्जापुर जिले के तमाम गांवों में किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। बांध में पानी न होने पर क्षेत्रीय लोगों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो जाता है। मिर्जापुर नहर प्रखंड के सहायक अभियंता सुरेश सिंह का कहना है कि धंधरौल बांध क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनदायिनी है। इसकी रखवाली भी की जाती है। यह बांध 1917 में बनकर तैयार हुआ था। 28 जून 2018 को इस बांध को शुरू हुए सौ साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बांध के सहारे ही लाखों किसानों देश के लिए अन्य उपजाता है।

सौ वर्ष पूरे होने पर 28 को होगा किसान सम्मेलन
सोनभद्र। सदर विधायक भूपेश चौबे ने मंगलवार की शाम धंधरौल बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बांध के निर्माण के सौ साल पूर्ण होने पर एक सप्ताह तक जलाशय के द्वारों को झालर से बत्तियों से सजाया जाएगा। 28 जून को जलाशय के किनारे स्थित सिंचाई विभाग के परिसर में किसान होगा। इसमें जलाशय के जीर्णोद्धार, उसकी साफ.-सफाई, रखरखाव, उसकी सिंचन क्षमता में वृद्धि, उससे निकली नहरों की साफ.-सफाई पर चर्चा होगी और इसको लेकर कार्य योजना भी तैयार की जाएगी। विधायक के साथ निरीक्षण में इंजीनियर रमेश पटेल, विजय विनीत, एसडीओ सुरेश सिंह, भूपेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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