म्योरपुर। ब्लाक के बभनडीहा ग्राम पंचायत में एफसीआई द्वारा नवनिर्मित गोदाम हैंडओवर होने से पहले ही जर्जर हो चुका है। गोदाम के अब तक शुरू न होने से कोटेदारों को काफी दिक्कत हो रही है। बीतें दिनों म्योरपुर में सूखा राहत की जांच करने आए एफसीआई के डीजीएम मुकेश द्विवेदी से लोगों ने गोदाम के संचालन की मांग उठाई है।
बभनडीहा ग्राम पंचायत में गोदाम निर्माण के दौरान भी मानक की अनदेखी की गई। गोदाम के छत की सीट जहां जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है वहीं गेट भी टूट कर एक तरफ रखा हुआ है। निर्माण की बात करें तो तीन से चार वर्षो से पूर्ण होकर पड़े इस गोदाम में अब तक अनाज का भंडारण नहीं हो पा रहा है। गोदाम के बनकर तैयार होने के बावजूद हस्तांतरित न होने से अनपरा के पास स्थित प्राइवेट गोदाम से कोटेदार अनाज का उठान करा रहे हैं। इससे कोटेदारों को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। समस्या को लेकर कोटेदार पूर्व में अफसरों तक अपनी बात कह चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। पिछले दिनों सूखा राहत की जांच के लिए म्योरपुर पहुंचे एफसीआई के डीजीएम मुकेश द्विवेदी से मिलकर गोदाम के संचालन की मांग की थी। इस पर डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया था। इससे कोटेदारों सहित भाजपा नेताओं में आस जगी है। ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर निर्माण को पूर्ण करके इसके संचालन की मांग की है। वहीं विपणन निरीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि विभागीय मानक के अनुसार बिल्डिंग नहीं बनी है। इस लिए हैंडओवर नहीं हो पा रहा है।