सोनभद्र। जनपद में गलन बढ़ गई है। घना कोहरा और ठंड से आम जनजीवन प्रभावित होनेे लगा है। ट्रेनों के साथ ही बसों के संचालन पर भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। रात में रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम ही दिख रही है। ट्रेन भी विलंब से संचालित हो रही हैं। गुरुवार को बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय की ओर जाते हुए दिखे। सार्वजनिक स्थलों पर अब भी अलाव नहीं जलाये जा रहे। डीएम पीके उपाध्याय ने ठंड को देखते हुए कक्षा एक से 12 तक के विद्यालयों के समय में परिवर्तन कर दिया है। विद्यालय सुबह नौ बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक संचालित होंगे।
इस बार पूर्व के वर्षों की तरह ठंड का असर अक्टूबर और नवंबर में नहीं रहा। लेकिन दिसंबर के आखिरी दिनों में ठंड का असर दिखने लगा है। दोपहर में शीतलहरी चल रही तो रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात में धड़ल्ले से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या में भी कमी आई है। अब कोहरा देख ट्रक चालक वाहनों को जहां-तहां खड़ा कर कोहरा छटने या फिर सुबह होने का इंतजार कर रहे हैं। गुुरुवार की सुबह से ही आसमान में कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड भी रही। लेकिन इसी में छात्र-छात्राएं विद्यालय गए। मासूम बच्चे ठंड से ठिठुरते हुए विद्यालय के लिए रवाना हुए तो अभिभावक भी चिंतित हो उठे। कड़ाके की पड़ रही ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने जिले के विद्यालयों के संचालन के समय मेें परिवर्तन कर दिया है। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालयों को सुबह नौ बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक संचालित करने का निर्देश दिया गया है। उधर कोहरे से बुधवार की रात जम्मूतवी टाटा एक्सप्रेस चार घंटे लेट रही। रात में दस बजे से चोपन स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेन रात करीब दो बजे पहुंचीं।