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महज कागज पर चुर्क होकर दौड़ाई जा रही रोडवेज बसें

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सोनभद्र। जिले के साथ ही सूबे के नक्शे पर अहम स्थान रखने वाले चुर्क में वर्षों से बंद पड़ी रोडवेज सेवा अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भी अभी तक सुचारु रुप से बहाल नहीं हो सकी है। वहीं इलाहाबाद के जीरो रोड डिपो की बसों को कागज पर सीधे हाइवे की जगह चुर्क से होकर दौड़ाए जाने की जानकारी देकर विभाग ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। मामला तूल न पकड़ने पाए इसके लिए अब रोडवेज महकमे के अधिकारी जल्द चुर्क होकर नियमित बस सेवा संचालन का दिलासा देने में लगे हुए हैं।
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दस से पंद्रह वर्ष पूर्व पूर्व तक चुर्क होकर रोडवेज बसें आती-जाती थीं।बाद में चलकर संबंधितों की उदासीनता के कारण बस सेवा का संचालन बंद हो गया। बस स्टैंड भी अतिक्रमण का शिकार हो गया। गत जुलाई में छपका निवासी मनोज धर एडवोकेट ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई तो राबर्ट्सगंज के एआरएम ने बताया कि तीन बसों के संचालन की समयसारिणी तय कर दी गई है। एक अक्तूबर से बस सेवा बहाल हो जाएगी। फिर भी अब तक
सेवा सुचारु नहीं हो सकी है। तब इसकी शिकायत एडवोकेट मनोज धर ने पांच अक्तूबर को फिर से की। इसके साथ उन्होंने इलाहाबाद से संचालन होने वाली जीरो रोड डिपो बस सेवा और जनरथ बस सेवा का भी संचालन चुर्क से कराए जाने की मांग की। जब अधिकारियों ने इसकी छानबीन की तो पता चला कि जीरो रोड डिपो के बसों का संचालन कागज में चुर्क होकर किया जा रहा है। खुद क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी निदेशक को लिखे पत्र में इस बात को स्वीकार किया और कहा कि संबंधित अधिकारियों-कर्मियों को जीरो रोड डिपो बस का संचालन चुर्क होकर कराने, इसके नियमित निगरानी के निर्देश दे दिए गए हैं। हालांकि 25 अक्तूबर को जारी निर्देश का अब तक पालन नहीं दिख सका है। एआरएम रॉबर्ट्सगंज केके तिवारी ने बताया कि चुर्क से होकर तीन बसों का संचालन कराया जा रहा है। बीच में त्यौहार को लेकर कुछ दिक्कत आई थी। जीरो रोड डिपो के बसों को कागज पर चुर्क होकर संचालन के सवाल पर कहा कि पहले यह मामला उनकी जानकारी में नहीं था। वह खुद इसकी जानकारी लेकर अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
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