सोनभद्र (अनपरा) । सूबे में बिजली संकट बरकरार है। अनपरा तापीय परियोजना की दो इकाइयों से 710 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका है, वहीं उत्पादन घटाने से और संकट उत्पन्न हो गया है। प्रदेश की पांच अनपरा, ओबरा, पारिछा, हरदुआगंज से कुल 3204 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था लेकिन ट्रांसमिशन एवं वितरण में खामियों के चलते 225 मेगावाट उत्पादन घटा दिया गया है।
सूबे की सबसे बड़ी सरकारी परियोजनाओं में शुमार तापीय परियोजना अनपरा में उत्पादन की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। तकनीकी खराबी के चलते करीब एक माह पूर्व इस परियोजना की बंद हुई दो इकाईयों से अभी कत उत्पादन शुरू नहीं हो सका है जबकि इन यूनिटों को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए लखनऊ से उत्पादन निगम के सीएमडी कामरान रिजवी को भी अनपरा आना पड़ा था। सीएमडी का कहना था कि दशहरा के पहले भले ही दोनों इकाईयों को नहीं तो कम से कम 210 मेगावाट की दूसरी इकाई को चालू करा लिया जाएगा लेकिन अभी तक कोई भी इकाई नहीं चालू हो सकी। गौरतलब बात यह भी है कि पहले से ही लगभग सात सौ मेगावाट विद्युत उत्पादन कम होने का दंश झेल रहे उत्पादन निगम को हर दिन परियोजनाओं से उत्पादन में कमी और उत्पादन घटाने का भी सामना करना पड़ा रहा है। उमस के चलते बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ ही रही है। ऐेसे में वितरण प्रणाली को सामंजस्य बनाए रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण कटौती भी करनी पड़ रही है। तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि बंद दोनों इकाईयों को चालू कराने के लिए इंजीनियरों की टीम लगी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सात दिनों के भीतर इन दोनों इकाईयों को लाइटअप कर लिया जाएगा।