सोनभद्र। आने वाले दिनों में जोखिम भरे हालातों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के इलाज का दायरा बढ़ जाएगा। अब ब्लाक स्तर पर स्थापित स्वास्थ्य इकाइयों से लेकर सब सेंटरों के प्रसव कक्ष में न्यू बर्न केयर कॉर्नर के माध्यम से नवजात शिशुओं को एसएनएसीयू (सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट) की तरह इलाज की सुविधा मिलेगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग को 118 आधुनिक रेडिएंट वार्मर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 19 पीएचसी पर एक-एक रेडिएंट वार्मर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जिले के 183 में से 99 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एक-एक रेडिएंट वार्मर उपलब्ध होगा। प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई के प्रसव कक्ष में न्यू बोर्न केयर कार्नर बनाए जाएंगे, जहां जोखिम हालातों में जन्म लेने वाले बच्चों का उपचार होगा। प्रसव के बाद जो शिशु कम वजन या गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, न्यू बोर्न केयर कार्नर पर जांच के दौरान इसका पता लगाकर उन्हें भर्ती कर उपचार होगा। नवजात शिशु को ठंड से बचाव, नवजात शिशु में पीलिया का प्रबंधन, शिशु की स्वांस में गतिरोध का प्रबंधन, स्तनपान एवं फीडिंग सपोर्ट आदि सेवाएं मिलेंगी।
इसे मूर्त रूप देने के लिए शासन से 118 रेडिएंट वार्मर की आपूर्ति भी हो गई है। नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत शुक्ला का कहना है कि वैसे तो रेडिएंट वार्मर की उपयोगिता नवजात शिशुओं के तापमान को नियंत्रित करने की है, लेकिन बीमार नवजातों की समुचित देखभाल रेडिएंट वार्मर के बगैर नहीं हो सकती है। यह शिशुओं के पलंग के समान है। इस पर तापमान के नियंत्रण के साथ ही सांस के अवरोध, हृदय गति आदि की जानकारियां मशीनों की स्क्रीन को देखकर दूर से ही प्राप्त की जा सकती है। यह मशीन काफी आधुनिक होती है। इससे सेंवाएं पहले से भी अधिक बेहतर होंगी। इस मशीन का उपयोग 12 महीने तापमान के नियंत्रण के लिए किया जाता है। इससे नवजात शिशुओं के मृत्यु को रोकने में मदद मिलेगी। डीएमएफ फंड से तीन एफआरयू पर आधुनिक रेडिएंट वार्मर
सोनभद्र। एक ओर जहां शासन की ओर से 118 रेडिएंट वार्मर मिलने से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। तो वहीं जिलाधिकारी की पहल पर जिले के तीन एफआरयू सेंटरों, सीएचसी घोरावल, सीएचसी चोपन और म्योरपुर में भी सेवाएं बेहतर होंगी। डीएमएफ फंड से लाखों रुपये खर्च कर तीन आधुनिक रेडिएंट वार्मर खरीदा जाएगा। जिससे नवजात शिशुओं के उपचार के साथ ही तापमान को स्थित रहने में मदद मिलेगी।
जिले के सभी प्रसव इकाइयों पर रेडिएंट वार्मर उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे नवजात शिशुओं के मृत्युदर को रोकने में मदद मिलेगी। मशीनें आ गई हैं, जल्द ही इनको स्टॉल किया जाएगा। - डॉ. आरजी यादव सीएमओ।