सोनभद्र। एआरटीओ कार्यालय में अब फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र के आधार ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के दिन लद गए। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब सिर्फ ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से नई व्यवस्था लागू की गई है। नए नियम से फर्जी तरीके से बनाए जा रहे मेडिकल सर्टिफिकेट पर रोक लगेगी।
एआरटीओ प्रशासन धनबीर यादव ने बताया कि सारथी पोर्टल पर मेडिकल अफसरों के लागिन आईडी बनाई गई है। ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए सरकारी डॉक्टरों को अधिकृत किया गया है। अधिकृत डॉक्टरों की तरफ से जारी ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। यह नियम एआरटीओ सोनभद्र में 20 अप्रैल से लागू है। उन्होंने बताया कि अब ड्राईिवंग लाइसेंस के आवेदक को मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए किसने आवेदन किया है, यह पोर्टल पर दिखाई देगा। कौन से डॉक्टर ने ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया है, उसका नाम पोर्टल पर दिखाई देगा। इस आधार पर ही एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। नामित डॉक्टरों की तरफ से ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दस रुपये शुल्क लिया जाएगा। यह ऑनलाइन प्रमाण पत्र हैवी लर्निंग, हैवी ड्राइविंग लाइसेंस, 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए शिक्षार्थी लाइसेंस बनवाना व लाइसेंस रिन्युअल कराने के लिए अनिवार्य है। एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाकर अब कोई व्यक्ति कर्मचारियों को गुमराह नहीं कर सकेगा। ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू होने से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में पारदर्शिता आएगी।