सोनभद्र। जिला प्रशासन ने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम एस राजलिंगम ने चारों तहसीलों के तहसीलदारों को जिले के करीब 2201 चिट फंड समितियों की जमीन की जांच कर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है। हालांकि अभी तक 385 समितियों की जांच हुई है जिनमें अनियमितता नही पाई गई है।
गौरतलब हो कि वर्ष 2019 में घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में एक समिति की विवादित जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष 11 आदिवासियों की मौत हो गई थी। दोनों तरफ से 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले में सरकारी जमीनों और दूसरों की भूमि पर कब्जा करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे को भी हटवाया जा रहा है। प्रशासन की मानें तो सदर तहसील, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसील क्षेत्र में वर्तमान में करीब 2201 चिट फंड समितियां हैं। इन समितियों की भी जांच तेज कर दी गई है। इसकी मॉनीटरिंग लगातार की जा रही है। जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि किस चिट फंड समिति के नाम से कितनी भूमि है, कैसे। जमीन समिति के नाम से हुई, समिति में कौन कौन लोग हैं समेत अन्य जानकारी एकत्र की जा रही है। अभी तक 385 की जांच पूरी कर ली गई है।
वर्जन-
सभी तहसीलदारों की देखरेख में चिट फंड समितियों की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम को निष्पक्ष ढंग से जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।-योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी