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कई समितियों पर उर्वरक का टोटा

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सोनभद्र। जिले के तीनों तहसीलों में 62 साधन सहकारी समिति है। इनमें से कई समितियों पर कहीं यूरिया तो कहीं पर डीएपी नदारद है। इससे किसान परेशान हो गए है। मजबूरी में किसान दुकानों से खाद क्रय कर खेतीबारी कर रहे हैं। जबकि एआरकोआपरेटिव का दावा है कि पर्याप्त मात्रा में उर्वरक है। सचिव उर्वरक ले जाकर किसानों को वितरित करें। जिन समितियों पर उर्वरक नहीं है वहां के सचिवों की डिमांड करने पर शीघ्र भेजा उर्वरक भेजा जाएगा, ताकि किसानों की समस्याएं दूूर हो सकें। बतादें कि राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक में 62 साधन सहकारी समिति है। सहकारी समिति फूलवारी, किसान सेवा सहकारी समिति करमा, साधन सहकारी समिति बट-बंतरा समेत अन्य कई समितियों पर उर्वरक नहीं है। जबकि इन दिनों किसानों को गेहूं समेत अन्य बीजों की बुआई करने के लिए डीएपी और उर्वरक की जरूरत है। समितियों से खाद न मिलने पर मजबूरी में किसान महंगे दर पर दुकानों से खाद क्रय कर खेतीबारी कर रहे हैं। किसान बबलू मिश्रा, मुन्ना कुशवाहा, राजकुमार सिंह, और मुन्ना दूबे ने कहा कि समितियों पर जरूरत के अनुसार उर्वरक नहीं मिल रही है। जबकि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों द्वारा पर्याप्त उर्वरक होने की बात कह रहे हैं। इस संबंध में एआरकोआपरेटिव त्रिभुवन नारायण सिंह ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध है। जिन समितियों पर उर्वरक नहीं है वहां अविलंब भेज दी जाएगी। कहा कि किसानों को दुकानों से उर्वरक क्रय करने की जरूरत नहीं है।
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