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29 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे देशभर के किसान

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सोनभद्र। भाजपा की केंद्र एवं राज्य सरकार आदिवासियों और वनाश्रितों के साथ खेल खेल रही है। कारपोरेट के चंदे से विभिन्न एनजीओ, एजेंसियों के माध्यम से आदिवासियों में घुसपैठ करते हैं। इनकी जहां भी सरकारें हैं वहां आदिवासी और वनाश्रितों के वनभूमि, जमीन से बेदखली, फर्जी मुकदमें में फंसाने की साजिश रची जा रही है। लिलासी कांड में आदिवासियों का उत्पीड़न हुआ है। उक्त बातें स्वराज अभियान के नेता एवं सेवानिवृत्त आईपीएस एस आर दारापुरी ने मंगलवार को सिंचाई डाकबंगला में प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।
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दारापुरी ने कहा कि कहा कि आरएसएस भाजपा की सरकार के खिलाफ वनाधिकार कानून को लागू कराने, कोल को आदिवासी का दर्जा देने और आदिवासियों को लोकसभा सीट के लिए 29 नवंबर को देश भर के किसान और आदिवासी दिल्ली कूच करेंगे। वनाधिकार कानून में उनके संगठन आदिवासी वनवासी महासभा की तरफ से दाखिल जनहित याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दस महीने की सुनवाई में 11 अक्तूबर को वनाधिकार कानून की प्रक्रिया पुन: शुरू करने का आदेश दिया है। सोनभद्र, मिर्जापुर एवं नौगढ़ में तनाव का बड़ा कारण वनभूमि विवाद है। वनभूमि विवाद के कारण कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया है। म्योरपुर ब्लाक के गंभीरपुर गांव के 90 वर्षीय वंश रूप पठारी को वनाधिकार के तहत पट्टा तक नहीं मिला है उन पर विभाग ने मुकदमा तक दर्ज कर लिया है। इस दौरान स्वराज अभियान के नेता दिनकर कपूर, राजेश सचान, राजाराम भारती, मनोज भारती, रमेश सिंह खरवार आदि मौजूद रहे।
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