सोनभद्र। जिला प्रशासन ने अब तक बाढ़ से प्रभावित होने वाले 170 गांवों को चिह्नित किया है। जरूरत पडने पर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत कैंपों में रख जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूर्ण कर ली है। प्रभावितों को दो वक्त भोजन दिया जाएगा। बच्चों एवं वृद्ध लोगों को दूध, दलिया भी मिलेगी। नायब तहसीलदारों को राहत कैंपों का प्रभारी बनाया जाएगा। इसके लिए डीएम ने सभी एसडीएमं को निर्देशित कर दिया है।
कई दिनों सेहो रही बारिश से नदी, नालों का जलस्तर तेजी से बढने लगा है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। अब तक राबट्र्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र से बाढ़ से प्रभावित होने वाले करीब 170 गांवों की सूची तैयार की गई है। कुछ दिनों पूर्व संजय कुमार सचिव एवं राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन ने डीएम को पत्र भेज कर बाढ़ से प्रभावित लोगों को कैंप में अस्थायी रूप से रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत कैंप के संचालन हेतु नायब तहसीलदारों को नोडल अधिकारी बनाने और शरणार्थियों के लिए स्वच्छ बिस्तर, तकिया, चादर, चारपाई तथा पंखे, शुद्ध पेयजल, रोशनी का इंतजाम कराने का फरमान जारी किया है। कैंप की सुरक्षा के लिए होमगार्ड, पीआरवी तैनात किए जाएंगे। महिलाओं और पुरषों के लिए अलग-अलग शौचालय का प्रबंध होगा। बच्चों एवं वृद्ध के भोजन में केला, दूध, बिस्किट, सत्तू, दलिया आदि दी जाएगी। जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है। बारिश के दौरान लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र में रात गुजारने का निर्देश दिया गया है। लेखपाल अपने एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ की स्थिति के बारे में अवगत कराते रहेंगे। बाढ़ से प्रभावितों को सुरक्षित रखा जाएगा।