सोनभद्र। आदिवासियों को सस्ती और गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए चोपन ब्लाक के पिपरखांड गांव में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के निर्माण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है। अनपरा निवासी अंकुश दूबे की शिकायत पर प्रथमदृष्ट्या दो करोड़ के गोलमाल की आशंका जताई गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच टीएसी (तकनीकी जांच यूनिट) से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। समाज कल्याण अनुभाग की तरफ से इसको लेकर निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
एनएसयूआई के जिला महासिचव अंकुश दूबे ने प्रमुख सचिव से ऑनलाइन शिकायत कर जांच की गुहार लगाई। शिकायत की कि निर्माण 2016 में पूर्ण हो जाना था लेकिन अब तक नहीं हुआ है। कार्य मेें काफी गड़बड़ी भी की गई। इस पर प्रमुख सचिव ने निदेशक जनजाति से आख्या तलब की। निदेशक जनजाति की तरफ से उपनिदेशक आरपी सिंह ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि अब तक मिली शिकायतों के आधार पर प्रथमदृष्ट्या दो करोड़ के गोलमाल का मामला सामने आया है। इसकी विस्तृत जांच के लिए गत नवंबर माह में मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज इलाहाबाद के तकनीकी विभाग को पत्र लिखा गया था लेकिन अभी तक वहां से कोई जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीें हुई है। इसको देखते हुए गत 25 मई को समाज कल्याण अनुभाग ने टीएसी से जांच कराने का निर्णय लॎिया है। संबंधितों को इसको लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी केएल गुप्ता का कहना है था कि निर्माण कार्य समाज कल्याण निर्माण निगम करवा रहा है। उससे उनका कोई लेना-देना नहीें है।