सोनभद्र। उत्तर प्रदेश जल निगम संयुक्त समिति के बैनर तले अधिकारियों, कर्मचारियों ने शनिवार को तीन सूत्री मांगों को लेकर जल निगम के यूनीसेफ प्रोजेक्ट कार्यालय पर धरना दिया। इसमें पूर्व की भांति जल निगम को शासकीय विभाग घोषित करने समेत कई अन्य मांगें उठाई गईं। कर्मचारियों ने चेताया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
यहां हुई सभा की अध्यक्षता कर रहे अनिल कुमार यादव ने कहा कि जल निगम के अधिकारी, कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। संयुक्त समिति के जिला सचिव कमल सिंह ने कहा कि मांगों को लेकर असहयोग आंदोलन समय-समय पर चलता रहेगा। कहा कि जल निगम में सप्तम वेतनमान लागू किये जाने के लिए शासकीय विभागों में लागू किये गये सप्तम वेतनमान संबंधी शासनादेश को जल निगम में भी यथावत लागू किया जाये। पेयजल संबंधित महत्वपूर्ण कार्य संपन्न कराने के लिए जल निगम को पूर्व की भांति शासकीय विभाग में परिवर्तित किया जाय। शासकीय विभाग बनाये जाने की प्रक्रिया में जब तक समय लगता है तब तक पेंशन एवं वेतन कोषागार (ट्रेजरी) के संबद्ध किया जाय। जिला सचिव कमल ने कहा कि षष्ठ्म वेतनमान का लंबित बकाया एरियर का भुगतान किया जाय। चेताया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है आंदोलन चलता रहेगा। सभा का संचालन विजय शंकर ने किया। इस दौरान श्रीराम, उदयनारायण त्रिपाठी, धर्मराज, नगीना, विजय शंकर, सत्य प्रकाश, अनिल कुमार विश्वकर्मा, राजेश कुमार मिश्रा, अजय कुमार पाल, फूलचंद सिंह, कृष्ण कुमार, झब्बूलाल, चंद्रकुमार दूबे, कमल सिंह समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।