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भ्रष्टाचार के विरोध में सभासदों ने नपा दफ्तर पर जड़ा ताला

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सोनभद्र। जिले की एकमात्र नगरपालिका राबटर्सगंज में भ्रष्टाचार को लेकर रार शुरू हो गई है। विभिन्न कार्यों को लेकर दो माह पूर्व मंगाए गए आठ टेंडर में पांच को अब जाकर निरस्त करने और तीन के स्वीकृत करने को लेकर गत शनिवार की शाम ईओ प्रदीप गिरि और सभासदों के बीच कहासुनी हुई। इससे भड़के सभासद ईओ से माफी मांगने की मांग करते हुए सोमवार की सुबह 11 बजे नगरपालिका दफ्तर पहुंच गए। वहां ईओ को न पाकर कर्मियों को बाहर निकालते हुए ताला जड़ दिया। परिसर के दो गेट में एक पर ताला जड़कर, दूसरे गेट पर धरने पर बैठ गए। नपा प्रशासन को भ्रष्टाचार में लिप्त होने, निविदा स्वीकृति और सामग्री आपूर्ति के भुगतान में गड़बड़ी सहित 12 मसलों को लेकर पूरे दिन नारेबाजी की। एसडीएम सदर शादाब असलम ने सभासदों को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। देर शाम तक सभासद ईओ से माफी मांगने और भ्रष्टाचार की जांच के लिए समिति गठन की मांग पर अड़े हुए थे।
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प्रकाश श्रीवास्तव, इरफान उल्ला, विक्रम, अरूण गुप्ता, अनीता देवी, रेनू जायसवाल, नातिक अशरफ, उर्मिला देवी, माया देवी, अनीता, कामरान उल्ला खां, संध्या देवी, अमन वर्मा, रेनू जायसवाल, अभिषेक कुमार गुप्ता आदि का कहना था कि जो टेंडर सप्ताह भर बाद खुल जाना चाहिए था, उसे दो माह बाद खोला गया और सिर्फ चहेतों का स्वीकृत कर शेष का निरस्त कर दिया गया। बिजली सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी को लेकर भी जमकर आवाज बुलंद की। सभासदों का कहना था कि सामान खरीद में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है, नगरपालिका के बाहर के लोगों की समिति बनाकर जांच कराई जाए और इसमें सभासदों को भी शामिल किया जाए। प्रत्येक वार्ड में चार-चार सफाईकर्मी निरस्त करने, चुनिंदा लोगों को ही दिए गए सभी टेंडर निरस्त कर पुन: निविदा आमंत्रित करने, बगैर नाला सफाई के ही ठेकेदार को भुगतान करने के मामले में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने, खसरा रजिस्टर को प्रायोजित तरीके से गायब कराने की जांच करने, नपा कर्मी संत कुमार सोनी के प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करने की भी मजबूती से मांग उठाई। सभासदों ने कहा कि ईओ का व्यवहार सभासदों के प्रति जरा भी ठीक नहीं है। वह अपने कृत्यों का लिखित माफीनामा दें या फिर उन्हें निलंबित किया जाए। जलनिकासी, पेयजल दिक्कत को लेकर ठोस कार्ययोजना बनाने, नगरपालिका के प्रत्येक विभाग के निगरानी के लिए सभासदों की समिति बनाने, मिनट बुक को बैठक के दौरान या तुरंत बाद लिखकर उसकी प्रतिलिपि सभासदों को देने आदि की मांग उठाई।
वर्जन
सभासदों की जो भी मांगें हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रपवाई की संस्तुति की जाएगी।
सादाब असलम, एसडीएम राबर्टसगंज
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उनके द्वारा जो भी कार्य हो रहे हैं, वह नियमानुसार है। उन्होंने किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया है, ना ही किसी भ्रष्टाचार में उनकी संलिप्तता है।
प्रदीप गिरि, अधिशासी अधिकारी राबर्टसगंज नगरपालिका
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टेंडर ई-टेंडरिंग व्यवस्था में हो रहे हैं, इसलिए किसी तरह की गड़बड़ी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। जहां तक बिजली सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी का मसला है, उसमें आठ लाख का भुगतान निरस्त कर भुगतान किया गया है।
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वीरेंद्र जायसवाल, अध्यक्ष राबटर्सगंज नगरपालिका
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