सोनभद्र। राबर्ट्सगंज लोकसभा के सांसद छोटेलाल खरवार ने अवैध खनन को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा कर दिया है। पर्यावरण अधिनियम का पालन करते हुए खनन माफिया के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि जिले में खनन माफिया वन व खनन विभाग की मिलीभगत से पर्यावरण, राजस्व व वन संपदा को भारी क्षति पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
सांसद का कहना है कि सरकार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम को लागू करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन खनन माफिया वन विभाग के तथाकथित कुछ अधिकारियों के मिलीभगत से सरकार के मंशा के विपरीत कार्य करने तथा सरकार के नीतियों पर पानी फेरने में मशगूूल हैं। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राबर्ट्सगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम खेवंधा में कात्यानी कांट्रैक्टर द्वारा नदी में नौका व पोकलेन मशीन लगाकर पानी के अंदर से कछुआ समेत जलीय जीव जंतु को हानि पहुंचाकर अवैध खनन किया जा रहा है। जबकि टेंडर में यह स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि नदी के जल धारा में शक्सन मशीन, लिफ्टर मशीनों से खनन नहीं किया जाएगा। लेकिन नियमों कानूनों की धज्जियां उड़ाकर खनन माफिया अवैध खनन में मशगूूल हैं व वन संपदा को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। कात्यानी कांट्रैक्टर अपने अधिकार क्षेत्र से अधिक जमीन पर खनन कर रहा है। यह हाल जिले में सिर्फ एक जगह नहीं है। पूरा जिला अवैध खनन से कराह रहा हैै। कुछ बालू पट्टाधारक बड़ी कंपनियां नदी की जल धारा को रोक कर अवैध रूप से बालू खनन कर रही हैं। इससे राजस्व को क्षति के साथ ही जलीय जीव जंतु को भी क्षति हो रही है। पत्र में सांसद ने कहा है कि जलीय जीव जंतुओं की सुरक्षा एवं वन संपदा को बचाने के लिए खनन माफियाओं पर प्राथमिकी दर्ज कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।