बताया कि गत एक जनवरी को गांव के मनबढ़ दरवाजे के सामने गाली-गलौज कर रहे थे। विरोध करने पर गोलबंद होकर मां-बेटी की जमकर पिटाई की, जिससे उनका सिर फट गया। सूचना देने के बाद चुर्क चौकी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। तहसीलदार अमित सिंह ने मौजूद दरोगा को बुलाकर डांट लगाई और तत्काल जांच कार्रवाई के निर्देश दिए।
यहां कुल 57 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें 12 का निस्तारण किया गया। वहीं ओबरा तहसील में डीएम बद्रीनाथ सिंह ने शिकायतें सुनी। कुल 44 में से 4 मामलों का निस्तारण हुआ। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद फरियादी से फीडबैक भी ली जाए, ताकि उसे दोबारा तहसील का चक्कर न लगाना पड़े।
संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग प्रमाण-पत्र, विधवा, वृद्धा व निराश्रित पेंशन और श्रम विभाग से संबंधित योजनाओं के लिए लगाए गए कैंपों का भी डीएम ने निरीक्षण किया। कैंप के माध्यम से 12 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड, चार की फाॅर्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के अंतर्गत 12 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
तहसील घोरावल में एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 35 शिकायतें सुनी गईं। इनमें से सात मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं तहसील दुद्धी में एसडीएम निखिल यादव की अध्यक्षता में 26 शिकायतें आईं, जिनमें से दो मामलों का निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।