सोनभद्र। राबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र में रविवार को हुए मतदान के दौरान वोटर सूची को लेकर अव्यवस्था हावी रही। मतदाता सूची और पर्ची वितरण में हुई गड़बड़ी ने मतदान प्रतिशत लडखड़ाकर रख दिया। इसके चलते 60 प्रतिशत से अधिक मतदान की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
कई जगह पूरा का पूरा परिवार ही वोटर सूची से गायब मिला तो कहीं तपती धूप में दो से तीन किमी पैदल दूरी तय करने के बाद भी लोग नाम न होने के कारण वोट नहीं डाल पाए।
दुद्धी। रजखड़ में वोटर सूची की खामी से खफा ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। 65 वर्षीय जयगोविंद मौर्य ने बताया कि उन्होंने अब तक हर चुनाव में वोट डाला। इस बार उनका नाम सूची से क्यों गायब कर दिया गया। प्रधान विंध्याचल प्रसाद ने बताया कि उनके गांव में 32 सौ मतदाता हैं लेकिन वोटर सूची में 26 सौ का ही नाम है। विनोद कुमार कुशवाहा, सुनील कुमार कुशवाहा, रग्घू, अतवरिया देवी, दुर्गावती देवी, रामजनम यादव, पूजा देवी, विनोद कुमार, अमन कुमार, गीता देवी, फूलवंती देवी, रामपति, ललिता देवी, रामजनम यादव, जयगोविंद मौर्य आदि ने भी आवाज उठाई।
बभनी। ग्राम पंचायत बभनी के भी कई लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब होने पर नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। रूपा, राजकुमारी, प्रभा, मंजू, सरस्वती, गीता, प्रमिला, विनोद, गोविंदा, लालबाबू, रामसजीवन, रामकिसुन, बनारसी, रीता देवी, मनीषा, बंगाली, नगीना, संतोषी, दिलवंती, संगीता देवी, बासमती, छोटकी देवी आदि का कहना था कि इस बार मतदाता सूची से उनकानाम काट दिया गया।
कई गांवों के लोग नहीं दे सके मत
रामगढ़/चुर्क। नक्सल गतिविधि प्रभावित पनौरा में भी वोटर सूची की खामी ने लोगों को खासा परेशान किया। यहां सुबह के वक्त तो तमाम लोग इसके चलते मायूस होकर लौटे ही, दोपहर में तपती धूप के बीच दो से तीन किमी पैदल दूरी तय करने के बाद भी मायूस होकर लौटना पड़ा। तियरा, रामगढ़, पकरहट, बरइल, किरहुलिया, ढोसरा सहित अधिकांश बूथों पर यह स्थिति लोगों को परेशान किए रही। चुर्क नगर और आस-पास के इलाके में भी कई लोगों के नाम वोटर सूची से गायब मिले, जिसको लेकर लोगों ने नाराजगी भी व्यक्त की।
तैयारियों की ओबरा में निकली हवा
ओबरा: नगर क्षेत्र में कई मतदाता वोटर पर्ची के साथ घंटों लाइन में खड़े होकर अंदर पहुंचे तो पीठासीन अधिकारी ने यह कहकर वापस कर दिया कि उसके पास उपलब्ध सूची में उनका नाम नहीं है। सिनेमा रोड निवासी आर्या त्रिपाठी ने बताया कि पहला मतदान होने के कारण उनके मन में काफी उत्साह था। राममंदिर कालोनी निवासी मंजीत कौर, ओबरा इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. सुरेश मिश्रा को भी इसी दिक्कत से गुजरे। सेक्टर मजिस्ट्रेट विजय पाल ने इसमें बीएलओ की लापरवाही मानी है।