ब्लॉक क्षेत्र के सेवडी, कनवा और अधौरा गांव में बुधवार को अज्ञात बुखार से तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें सुकवरिया (55) , रमेश (3) और रूपा (8) शामिल हैं। इसी तरह सतवहिनी गांव में बुखार से रामचंद्र की मौत हो गई। इन गांवों में दर्जनों लोग बुखार की चपेट में हैं। गांवों के करीब स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतवहिनी में कोई भी डॉक्टर नहीं हैं। इससे मरीज परेशान हैं।
ब्लॉक के खोतोमहुआ और जौराही गांव में एक सप्ताह में सात लोगों की मौत के बाद अब सेवडी, कनवा और अधौरा गांव में भी अज्ञात बुखार से दर्जनों लोगों के पीड़ित होने का मामला सामने आया है। बुधवार को बुखार से सुकवरिया पत्नी बीरबल निवासी सेवडी, रमेश पुत्र धनेश्वर और रूपा पत्नी पन्ना लाल अधौरा शामिल हैं। दोनों की मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं। बरवाटोला के शिक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय के बच्चे भी बीमारी से कम आ रहे हैं। बरवाटोला प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले धीरसाय (10), चंदरलाल (9), साक्षी (9), विवेक (8), राजदेव (8), रीना (9), मीना (12), आकाश (11), विवेक (10), राजदेव (10) बुखार से पीड़ित हैं। इसमें राजदेव व विवेक की हालत गंभीर है। विवेक का उपचार छत्तीसगढ़ के निजी चिकित्सालय में हो रहा। गांव में स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतबहनी में तैैनात चिकित्सक का आठ माह से पता नहीं है। अस्पताल में तैनात एलटी शैलेंद्र सिह ने बताया कि प्रतिदिन 10-12 बुखार के मरीज आ रहे हैं। उधर खोतोमहुआ व जौराही गांव में बुधवार को दूसरे दिन भी स्वास्थ्य कैंप लगा। यहां मंगलवार को 200 मरीजों का उपचार किया गया और 140 मरीजों का स्लाइड बनाया गया। बुधवार को दूसरे दिन मेडिकल कैंप में 70 मरीजों का उपचार हुआ। 30 मरीजों का स्लाइड बनाया गया। दो दिनों में कुल 270 मरीजों का उपचार कर दवा वितरित हुआ। 130 मरीजों का स्लाइड बना। बभनी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुणानिधि ने बताया कि गांव में लगातार मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिसका भी खून जांच करने के लिए स्लाइड बनाया गया है, उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है। गांव में अब गंभीर मरीज नही हैं।