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बिजली कटौती से क्षुब्ध सपाइयों ने किया प्रदर्शन

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सोनभद्र। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में अनियमित बिजली कटौती लोगों के गुस्से का सबब बन गई है। मंगलवार को पीसीएल पर रोस्टरिंग के अनुसार बिजली नहीं देने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभाग के राबर्ट्सगंज स्थित कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इन लोगों ने कहा कि भीषण कटौती कर विभाग जनमानस का उत्पीड़न कर रहा, जो ठीक नहीं। चेतावनी दी कि जल्द अनियमित कटौती बंद न की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन के साथ विरोध स्वरूप फूल सौंपा।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला मीडिया प्रभारी महफूज आलम खां और जिला महासचिव सईद कुरैशी ने कहा कि पूर्व की यूपी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किया, लेकिन वर्तमान सरकार बिजली पर ध्यान नहीं दे रही है। अनियमित विद्युत कटौती से आम नागरिकों को पेयजल सहित कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही से पूरे जिले में आक्रोश है। यदि विभाग द्वारा तत्काल अनियमित कटौती पर रोक नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन करने वालों में नीतिश पांडेय, विकाश केशरी, दीपक केशरी, मंगरू पटेल, मोहन जायसवाल, शीतल सोनी, सुरेंद्र, अभय, राहुल सेठ, इरफान खां, कामरान खां, राकेश कुमार, रामचंद्र भारती, नौशाद, टीपू, रंजन पांडेय, शाहिद खां, दीपक कन्न्नौजिया, अंकित, ओपी सिंह, मुरारी, सतीश अग्रहरि आदि शामिल रहे।
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कटौती के खिलाफ पहले भी हुए विरोध-प्रदर्शन, स्थिति जस की तस
सोनभद्र। अनियमित बिजली कटौती के खिलाफ जिले में पहले भी लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किया जाता रहा है। पीसीएल से बार-बार मांग की गई कि निर्धारित रोस्टरिंग के अनुसार बिजली आपूर्ति की जाए, लेकिन इसमें अपेक्षित सुधार नहीं हुए। इससे लोगों में लगातार गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अनियमिति बिजली कटौती से शहर मुख्यालय, तहसील मुख्यालय ही नहीं जिले के ग्रामीण अंचल में रहने वाले भी परेशान हैं। गर्मी में पारा जब रोज उछाल मार रहा है। ऐसे में बिजली ही लोगों को राहत पहुंचा सकती है। किंतु जब भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली आंच मिचौनी पर उतर आए तो लोगों का गुस्सा बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में स्थिति विस्फोटक रूप ले, इससे पहले पीसीएल के अफसरों को हालात संभालने होंगे।

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