फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस बार भी शिक्षकों को नही मिलेगा तबादला नीति का लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
सोनभद्र। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों को इस बार भी अंतर्जनपदीय तबादला नीति का लाभ नहीं मिलेगा। पिछले वर्ष भी शिक्षक इस लाभ से वंचित रहे थे। केंद्र सरकार के नीति आयोग ने सोनभद्र को देश के 115 अति आकांक्षात्मक जिलों में शामिल किया है। अत्यंत पिछडे जिलों की सूची में आने के बाद से इस जिले से निचले स्तर के कर्मचारियों का तबादला करने से पिछले वर्ष से ही रोक लगा दी गई है। इस नाते शिक्षकों को तबादला नीति के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
यूपी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत शिक्षकों को मनचाहे जिले में तबादला के लिए आवेदन का मौका सरकार देगी। यह प्रक्रिया जुलाई माह से शुरू कर दी जाएगी। लेकिन सरकार की इस योजना का लाभ सोनभद्र में तैनात शिक्षकों को नहीं मिल पाएगा। वजह कि केंद्र सरकार के नीति आयोग ने देश के 115 अति पिछड़े जिलों में सोनभद्र का भी शामिल किया है। इस नाते यहां के शिक्षकों को तबादला नीति से दूर कर दिया गया है। इसमें शर्त लगा दी गई कि जिले महत्वाकांक्षी जिले में दस प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त होंगे, वहां के शिक्षकों को गैर जनपद तबादला का लाभ नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस नजरिये से देखा जाए तो जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कुल 9258 पद स्वीकृत हैं। जबकि इसमें से महज 3947 पद पर ही शिक्षक कार्यरत हैं और 5311 पद रिक्त पड़े हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब साढ़े तीन लाख बच्चे नामांकित हैं। 30 बच्चे पर एक शिक्षक की तैनाती अनिवार्य है लेकिन जिले में शिक्षकों की संख्या काफी कम होने से बच्चों की संख्या के आधार पर उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे चरमराई बेसिक शिक्षा व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आ सकी है। उधर बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल का कहना है कि यूपी सरकार की अंर्तजनपदीय तबादला नीति पर जुलाई माह से काम शुरू होगा, लेकिन सोनभद्र में शिक्षकों की भारी संख्या में कमी है। जिला भी महत्वाकांक्षी है। इस नाते यहां के शिक्षकों को इस तबादला नीति का लाभ नहीं मिल सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें