दुद्धी। ब्लॉक के तुर्रीडीह के ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां ग्रामीणों ने कोटेदार पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। कोटेदार के साथ ही जिला पूर्ति विभाग के खिलाफ भी ग्रामीणों ने नारेबाजी की। यहां प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि कोटेदार की दबंगई व अभद्र व्यवहार के चलते गांव वालों ने अप्रैल माह से ही सस्ते गल्ले के दुकान से वर्तमान कोटेदार से गल्ला लेने का बहिष्कार किया था। इससे संबंधित शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी दी गई थी। कोटेदार गल्ला लेने जाने पर हम ग्रामीणों से दुर्व्यवहार करता है। पूर्व में डीएम को भी पत्र दिय गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह मांग किया कि वर्तमान कोटेदार को हटाकर नए कोटेदार का चयन कराया जाए। तहसील गेट के मुख्यद्वार से डीएफओ एमपी सिंह बाहर निकल रहे थे। लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनका वाहन रोक दिया। उन्हें बाहर नहीं जाने दिया। करीब एक घंटे बाद जब सीडीओ अपनी कार से बाहर निकल रहे थे तो ग्रामीणों ने उन्हें भी रोक दिया। फिर डीएसओ राकेश तिवारी मामले की जानकारी लेने पहुंचे। डीएसओ ने बताया कि तुर्रीडीह के कोटे की दुकान 2016 में शिकायत पर निरस्त कर दी गई थी। वह कमिश्नरी से मुकदमा जीतकर अपना दुकान बहाल कराया है। अभी दुकान खोले उसे माह भर हुआ है, मामले की जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में ई-पास मशीन लगने से अब राशन की धांधली संभव नहीं है। क्योंकि कोटेदार को उतना ही राशन मिलेगा जितना वह ई-पास मशीन से पात्रों को वितरण कर सकेगा। प्रदर्शन में संगीता देवी, सविता देवी, फूलवंती, अनिता देवी, निर्मला देवी, राजेश कुमार, भागवत, अजय, शंकर, बनारसी, दिनेश, रामप्रवेश शामिल रहे।