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फोरलेन मामले में सर्किल रेट की मांग पर अड़े किसान

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अनपरा। औड़ी-शक्तिनगर हाइवे चौड़ीकरण का निर्माण कार्य में फिर पेच फंसता नजर आ रहा है। सोमवार को दुद्धी एसडीएम के सभागार में पीडब्ल्यूडी व खाताधारक किसानों के साथ हुई बैठक में सर्किल रेट को लेकर सहमति नहीं बनी। ग्राम मिसिरा व परसवार चौबे के खाताधारक स्टेट हाइवे सर्किल रेट की मांग पर अड़े रहे। प्रदूषण का सबब बने औड़ी-शक्तिनगर हाइवे के चौड़ीकरण के कार्य में अब क्षेत्रीय किसान बाधक बनते नजर आ रहे हैं। सोमवार को दुद्धी एसडीएम के साथ हुई बैठक में खाताधारकों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की नीति का पालन नहीं किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित रेट पर हम सब ग्रामीण अपनी जमीन सड़क की चौड़ीकरण में देने को तैयार नहीं हैं। जमीन की कीमत हाइवे सर्किल रेट के अनुसार ही भुगतान किया जाए। जबकि विभाग दो ग्राम पंचायतों की पडने वाली करीब डेढ़ एकड़ जमीन की कीमत कृषि की दर से लगाना चाहता है। पूर्व के बैठक में हुए निर्णय को दरकिनार कर अब कामर्शियल रेट की मांग की जा रही है। बैठक में शामिल खाताधारक केसी शर्मा, विजय नारायण शर्मा, रामलखन कुशवाहा, त्रिवेणी दुबे, मुन्नू चौबे ने आरोप लगाया कि हाइवे की जद में आने वाली भूमि को विभाग द्वारा कृषि की भूमि दर्शा कर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। जिसका हर स्तर पर विरोध जारी रहेगा। सड़क निर्माण का कार्य शुरू से ही विवादों में घिरा रहा है। पहले एनसीएल की पाइप लाइन शिफ्टिंग का मामला उलझा, जिसमें एनजीटी की पहल पर एनसीएल ने करीब 60 करोड़ रुपए की लागत देकर इस समझौते को अंतिम रुप दिया। उसके बाद वन विभाग द्वारा पेंच फंसाकर निर्माण कार्य को रोक दिया गया। इस मुद्दे को भी कई बार बैठक कर वन विभाग को भूमि के बदले भूमि को जिला मुख्यालय के समीप हस्तांतरित किया गया। चुनाव समाप्त होने के बाद लोगों में आस जगी थी कि शायद अब फोरलेन का निर्माण शुरु होगा। लेकिन खाताधारकों द्वारा मुआवजे को लेकर फंसाया गया पेंच से लगता है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य फिर कुछ दिनों के लिए अधर में लटक सकता है।
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