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मोदी-योगी सरकार की नाकामी का प्रमाण ग्रामीणो का मतदान बहिष्कार

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अनपरा।
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सरकार की नाकामी का प्रमाण मतदान बहिष्कार
विकास के दावे हकीकत से है दूर
अमर उजाला ब्यूरो
अनपरा। भाजपा के विकास के वादे खोखले रहे हैंञ सही वजह है कि े जनपद के ओड़ौली, धौकीनाला, बड़हरा, गरदा के ग्रामीणो ने मतदान बहिष्कार कर अपना विरोध जताया।
विस्थापितों के नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे का कहना है कि पुलिस के दम पर मतदान करवाने मे सरकारी अमला भले ही सफल रहा हो परंतु यह सुनिश्चित हो गया है कि भाजपा सरकार के खिलाफ लोगो में असंतोष है। प्रधानमंत्री मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी लाख दावे करते हो कि उन्होने विकास किया है परंतु उनका विकास यही है कि सोनभद्र आज भी वर्ष 2005 मे खडा है। क्योकि वर्ष 2005 के पंचायत चुनाव मे ही दुद्धी के करहिया मे आदिवासियो ने समानांतर बूथ लगाकर मतदान किया था और व्यवस्था के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की थी। आज वर्ष 2019 में भी ठीक इसी प्रकार से मतदान का बहिष्कार किया जा रहा है जिससे कहा जा सकता है कि इस सरकार ने सोनभद्र को 14 वर्ष पीछे धकेल दिया है।
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सोनभद्र मे मतदान बहिष्कार का प्रमुख कारण सरकार की ओर से आदिवासियो को पात्रता रखने के उपरांत भी राशन लाभ न दिया जाना, सड़क, पानी, बिजली पर कोई कार्य न करना है। इस सरकार ने सारी संस्थाओ को विकलांग कर दिया है। एसटी कमीशन के निर्देश के उपरांत भी अभी तक एक भी वंचित आदिवासी को राशन कार्ड नही जारी किया गया है। सरकार की ओर से जिस प्रकार से अव्यवस्था के विरुद्ध उठने वाली आवाज को दबाकर अपनी पीठ थपथृपाई जा रही है, वह लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं की कार्यप्रणाली पर विचार करे और उसमे सुधार कर कागजी विकास के बजाय जमीनी विकास की राह पकड़े, अन्यथा यह विरोध काफी खतरनाक होगा।
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