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फोन न उठाना सेक्टर मजिस्ट्रेट को पड़ा भारी

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सोनभद्र। लोकसभा चुनाव मेें लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। रविवार की रात राजकीय पालीटेक्रिक कॉलेज पर जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने एक सेक्टर मजिस्ट्रेट के मोबाइल पर बात करने के लिए कॉल की, लेकिन उसने रकॉल ीसिव नहीं की। इससे नाराज डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। कोतवाली में सेक्टर मजिस्ट्रेट के लिखित माफीनामा के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर पुलिस ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को छोड़ा।
बताते चलें कि चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए घोरावल, राबर्ट्सगंज, ओबरा और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में 139 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 28 जोन मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। रविवार को मतदान समाप्त होने के बाद सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपन-अपने क्षेत्र के पोलिंग पार्टियों के साथ राजकीय पालीटेक्रिक कॉलेज पहुंच कर ईवीएम जमा कराकर इसकी रिपोर्टिंग संबंधित एआरओ को करनी थी।
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रात करीब साढ़े नौ बजे तक एक सेक्टर मजिस्ट्रेट कॉलेज नहीं पहुंचा। इसकी जानकारी किसी ने डीएम को दी। डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेट से बात कर यह पता लगाने का प्रयास किए कि वह अभी तक क्यों नहीं पहुंचे तो उसने मोबाइल रीसिव नहीं किया। लेकिन कुछ ही देर बाद वह कॉलेज पर पहुंच गया। डीएम ने उससे मोबाइल रीसिव नहीं करने का कारण पूछा तो वी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर नाराजगी दिखाते हुए डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को कार्य के प्रति लापरवाह मानते हुए उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बताया भोर में हिरासत में लिए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट को छोड़ दिया गया। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत मेें बख्शा नहीं जाएगा।
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