सोनभद्र। कभी जम्हुरियत के खिलाफ हथियार उठाने वाले अब मजबूत लोकतंत्र के लिए भागीदार बनेंगे। करीब एक दशक पहले बुलेट चलाना छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ चुके 237 नक्सली मतदाता जागरूकता का बिगुल फूकेंगे। प्रशासन ने मुख्यधारा से जुड़े ऐसे लोगों को मतदाता जागरूकता अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत मंगलवार को राबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह से होगी। यहां उन्हें मतदाताओं को जागरूक करने के साथ ही अधिक से अधिक मतदान की शपथ दिलाई जाएगी।
बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे यूपी के सोनभद्र में कभी नक्सलवाद चरम पर था। लोकतंत्र की जगह बुलेटतंत्र पर विश्वास करने वाले अपने अधिकार को हासिल करने के लिए गलत रुख अख्तियार कर चुके थे। इतना ही नहीं भोले-भाले ग्रामीणों को भी गुमराह कर वे लोकतंत्र के खिलाफ अभियान चलाने से पीछे नहीं थे। लेकिन शासन की मजबूत नीति ने सोनभद्र में धीरे-धीरे नक्सलवाद जैसी समस्या का खात्मा कर दिया। नक्सल से जुड़े 237 लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। ऐसे लोग चुनावों में वोट के जरिए अपनी भागीदारी भले देते रहे हों, लेकिन लोकतंत्र रक्षक के रूप में पहली बार उन्हें प्रशासन जोड़ने जा रहा है।
जिला प्रशासन ने मतदाता जागरूकता अभियान (स्वीप) के तहत मुख्यधारा से जुड़ चुके लोगों को सीधे तौर पर लोकतंत्र से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत 14 मई को स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में दोपहर बाद तीन बजे से मतदाता जागरूकता गोष्ठी कराने का निर्णय लिया है, जिसमें मुख्य धारा से जुड़ चुके नक्सली शामिल होंगे। उन्हें अधिकाधिक मतदान के लिए प्रेरित करने के साथ ही अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। स्वीप प्रभारी आरके भारती कहते हैं कि किसी भी समस्या का हल बुलेट नहीं बैलेट है। मंगलवार को होने वाली गोष्ठी में पूर्व में नक्सली रहे लोग अपने पूर्व के अनुभवों को साझा करेंगे और लोकतंत्र में मतदान की महत्ता पर प्रकाश डालेंगे।
गांव- गांव जाकर बताएंगे वोट का महत्व
सोनभद्र। नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा से जुड़े 237 मतदाता नक्सल प्रभावित रहा चोपन, म्योरपुर, नगवां और दुद्धी ब्लाक के गांवों में टीम बनाकर जाएंगे। पूर्व में जिनके परिवार के लोग नक्सली रहे हैं या पनाह देते आए हैं उन लोगों को मतदान के बारे में जागरूक करेंगे। उन्हें वोट का अधिकार बताएंगे। इसके अलावा जिले भर में यह लोग जागरूकता अभियान चलाएंगे।
इनसेट
पूर्व में नक्सली रहे लोगों को मतदाता जागरूकता कार्यक्रम से सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है। इस तरह का यह पहला कार्यक्रम है। इसका मकसद जिले में मतदान के प्रतिशत को बढ़ाने के साथ ही मजबूत लोकतंत्र की स्थापना में सभी की भागीदारी कराना है।
अंकित कुमार अग्रवाल, जिला निर्वाचन अधिकारी,सोनभद्र