सोनभद्र। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पिछले दो दिन से चल रही हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। हाईकोर्ट लखनऊ के खंडपीठ के सख्त होने पर कर्मियों ने कामकाज शुरू कर दिया। बावजूद इसके शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और विकास भवन परिसर में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। एसपी किरीट राठोड ने कोर्ट के आदेश का अवलेहना करते हुए आंदोलन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
जिले में मंगलवार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, लोक निर्माण, लघु सिंचाई समेत अन्य विभागों के कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। लगातार दो दिनों से कलेक्ट्रेट में कर्मचारी मांगों के समर्थन में धरना दे रहे थे। काफी संख्या में शिक्षकों ने यूपी बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार भी कर दिया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रदेश सरकार उनकी जायज मांगों को पूरा करने में हीलाहवाली कर रही है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ेंगे। हालांकि बुधवार को हाईकोर्ट लखनऊ के खंडपीठ ने शिक्षकों और कर्मचारियों के हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया। इसको देखते हुए शुक्रवार को कर्मचारी, शिक्षक अधिकारी मंच के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने 12 फरवरी तक होने वाले आंदोलन के समाप्त करने की घोषणा कर दी। बावजूद इसके सुबह नौ बजे से ही कलेक्ट्रेट और विकास भवन परिसर में पीएसी एवं कई थानों की फोर्स के साथ सिटी सीओ राहुल मिश्रा, सदर सीओ अभिनव यादव पहुंच गए थे। एएसपी डॉ. अवधेश सिंह भी चक्रमण करते रहे। लेकिन कोई कर्मी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। दोपहर बाद अधिकारी फोर्स के साथ वापस चले गए।