सोनभद्र। सड़क सुरक्षा अभियान में यातायात विभाग लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाने के साथ ही दो पहिया वाहन सवारों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता और ट्रिपल राइडिंग को लेकर सख्त है। चालकों को जागरूक भी किया जा रहा है कि नशे में धुत होकर वाहन न चलाएं। अधिकांश सड़क हादसे लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने से हो रहे हैं। सुकृत से शक्तिनगर और घोरावल से खलियारी के बीच सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं। प्रत्येक वर्ष सड़क हादसे में सौ से अधिक लोग काल के गाल में समा रहे है एवं सैकड़ों घायल हो जा रहे हैं। हादसे के शिकार कई लोग अपाहिज हो जा रहे है। सड़क हादसों में मरने वालों के आंकड़ों पर गौर करें तो सर्वाधिक बाइक सवार जो लोग हेलमेट नहीं पहने हुए थे उन्हीं लोगों की सिर में चोट लगने से मौत हुई है। सड़क दुर्घटना में लोगों की हो रही मौतों पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अवयस्क, किशोरों एवं नशे में धुत होकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को जिले में सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक सभी थाना क्षेत्रों में चेकिंग के दौरान पुलिस ने वाहनों पर हूटर, सायरन, काली फिल्म, प्रेशर हार्न व शाम पांच बजे से मदिरा/मादक पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस कर्मियों ने दो पहिया वाहन चालकों व उस पर बैठने वालों को हेलमेट पहन कर चलने के लिए प्रेरित किया। कहा कि हेलमेट पहन कर चलने से सिर में चोट लगने की संभावना कम रहती है। इसलिए सभी लोगों को दो पहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट अवश्य लगाना चाहिए। एएसपी अरुण कुमार दीक्षित ने कहा कि अवयस्क व्यक्तियों को कदापि वाहन चलाने के लिए न दें, क्योंकि उनमें तेज गति से वाहन चलाने की ललक होती है। खुद और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए धीमी गति से वाहनों को चलाएं, क्योंकि जीवन अनमोल है।