सीएचसी- पीएचसोनभद्र। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले में किराये के भवन में चलने वाले 22 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों को सीएचसी- पीएचसी में समाहित किया जा रहा। वहां तैनात चिकित्सकों को नजदीकी प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया जा रहा है। हालांकि चिकित्सालयों को स्थानांतरित नहीं किया जा सका है, जबकि जनवरी तक कर देना था। राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में 29 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय हैं। इनमें से सिर्फ शिवद्वार, सरंगा, बंजरिया, मोकरसीम, मुबारकपुर, खजुरा, झारो गांव में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय सरकारी भवन में संचालित हो रहा है। जिले में महज आठ चिकित्सक, 19 फार्मासिस्ट व करीब 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। आठ डॉक्टरों के कंधों पर सभी अस्पतालों के संचालित करने का जिम्मा है। शासन ने प्राइवेट भवन में संचालित हो रहे राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों को बंद कर उन्हें नजदीकी सीएचसी, पीएचसी में शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. आर डी राम ने बताया कि उनके पास चलने के लिए सरकारी वाहन तक नहीं है। उनके पास जो संसाधन है उसी से रोगियों का उपचार करा रहे है। प्रतिमाह राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों में करीब 18 हजार रोगियों का उपचार होता है। सीएमओ से वार्ता कर सीएचसी और पीएचसी में प्राइवेट भवनों में संचालित हो रहे अस्पतालों को शिफ्ट करने के साथ ही डॉक्टरों को तैनात करने की कार्रवाई की जा रही है। कहा कि अविलंब समस्त राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। अभी तक प्रति डॉक्टर को तीन से चार अस्पताल आवंटित किए गए थे।