सोनभद्र। विकास की बांट जोह रहे गांवों की शीघ्र ही तस्वीर बदलेगी। जिन गांवों में विकास कार्य न के बराबर हुआ है, उनको मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित गांवों में वरीयता के आधार पर सड़क, बिजली, पेयजल समेत अन्य विकास कार्य कराया जाएगा।
झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा को स्पर्श करने वाले अति नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में 1379 राजस्व गांव है। जुगैल, बेलछ, कनछ, खरहरा, कनहरा, बेलगड़ी, परसोई, पौसिला, भितरी, धलैतवा, सरहेवा समेत अन्य गांवों में पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि की समस्याएं मुंह बाएं खड़ी है। पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी का आगाज होते ही पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है और लोग चुआड़, नदी, नाले का पानी पीने को विवश हो जाते है। मड़पा, चरगड़ा समेत अन्य गांवोें में सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने से रात में एंबुलेंस भी रोगियों को लेने के लिए नहीं जाती है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालांकि योगी सरकार जिन गांवों मेें विकास की दरकार है, उन गांवों में वरीयता के आधार पर विकास कार्य कराने का निर्णय लिया है। प्रभारी जिलाधिकारी/ सीडीओ रामश्रय ने बताया कि सभी एसडीएम और बीडीओ को मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत ऐसे गांवों का चयन करने का निर्देश दिया गया है, जहां पर विकास कार्य कराने की जरूरत है। चयनित गांवों में वरीयता के आधार पर सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, रोशनी, शौचालय, पात्रों का आवास निर्माण समेत अन्य कार्य कराया जाएगा। कहा कि जल्द ही गांवों का चयन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।