अनपरा। एनसीएल में कोयला उत्पादन चरम पर है, बावजूद परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। अनपरा तापीय परियोजना समेत प्रदेश की पांच परियोजनाओं से शुक्रवार को 2768 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने से तमाम स्थानों पर आपात कालीन कटौती करनी पड़ी। शुक्रवार को 431 मेगावाट विद्युत उत्पादन गिरने के बावजूद इन परियोजनाओं से 546 मेगावाट थर्मल बैकिंग भी जारी रही।
एनसीएल के कोयला खदानों से हर दिन करीब ढाई लाख टन कोयले का उत्पादन हो रहा है। गुरुवार को 2.45 लाख टन कोयला का उत्पादन हुआ। प्रदेश की तापीय परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन में सुधार न होने का एक कारण कभी कोयला की कमी तो कभी कोयला का भींग जाना बताया जा रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि एनसीएल में कोयला का उत्पादन काफी हो रहा है और कोई कमी नहीं है। विद्युत उत्पादन पर गौर करें तो अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगवाट की दूसरी व पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई 15 दिनों से अधिक समय से बंद चल रही है।
प्रदेश की पांच विद्युत परियोजनाओं से शुक्रवार को अचानक विद्युत उत्पादन कई मेगावाट धड़ाम हो गया। एक दिन पूर्व गुरुवार को इन परियोजनाओं से जहां विद्युत उत्पादन 3199 मेगावाट रहा वहीं शुक्रवार को इन परियोजनाओं से 2768 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता रहा। विद्युत उत्पादन में कमी के बावजूद 546 मेगावाट थर्मल बैकिंग भी की जाती रही। विद्युत उत्पादन में गिरावट की वजह बताने से कतराने वाले परियोजना प्रशासन के आला अधिकारी शुक्रवार को चुप्पी साधे रहे। तापीय परियोजना अनपरा में कोयला भंडारण की सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यहां मौजूद समय में चार लाख टन कोयले का भंडारण है। एनसीएल के पीआरओ एसके सिंह के मुताबिक कोयला उत्पादन में कोई कमी नहीं है। परियोजनाओं को भी कोयला दिया जा रहा है। यदि कोई किसी कारण से कोयला नहीं लेता है तो एनसीएल की कमी नहीं है। एक वित्तीय वर्ष में 35 मिलियन टन से अधिक कोयला का उत्पादन हो रहा है।