सोनभद्र (ओबरा)। तापीय परियोजना से जुड़े संयुक्त संघर्ष समिति का धरना-प्रदर्शन सोमवार को झरियानाला गेट पर हुआ। इसमें 50 और सौ मेेगावाट की बंद इकाई को फिर से चालू करने, बेरोजगार हुए दो सौ संविदा श्रमिकों का समायोजन करने की मांग उठाई गई। साथ ही मुख्य महाप्रबंधक को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
सोमवार को झरिया नाला गेट पर हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन, बिजली कर्मचारी संघ और विद्युत संविदा मजदूर संगठन के सदस्य भारी संख्या में इकट्ठा हुए। यहां उन्होंने धरना दिया और प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि परियोजना की 50 और सौ मेगावाट इकाई को बंद कर उनमें कार्यरत करीब दौ सो से अधिक संविदा कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया गया। करीब 20 से 25 वर्षों से नियमित कर्मचारी की तरह सेवा दे रहे इन संविदा श्रमिकों के समक्ष अब भुखमरी का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रबंधन को उन स्थानों पर नियमित कर्मचारी रखना चाहिए था लेकिन मजदूरों को वेतन व सुविधा न देना पड़े। इसलिए कांट्रैक्टर द्वारा निगम का कार्य लिया जाता रहा। यूनिटों के बंद होने के कारण तमाम खंडों में कार्यरत संविदा श्रमिकों के सामने रोजगार, रोटी का संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने परियोजना प्रबंधन को प्रस्ताव दिया कि बंद यूनिटों को तब तक चलाया जाए जब तक कि इन श्रमिकों का समायोजन नहीं हो जाता। 1986 से अब तक चतुर्थ श्रेणी में मृतक आश्रित को छोड़कर कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। सभी परिचालन खंडों, अनुरक्षण खंड, डिविजन आफिस, सर्किल ऑफिस, अस्पताल, स्कूल, मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की आवश्यकता है। बेरोजगार अनुभवी मजदूरों को संविदा के आधार पर समायोजित करने की मांग उठाई गई। अ ताप विद्युत गृह के संविदा श्रमिकों के साथ ही ब ताप विद्युत गृह में नियमित कार्यों पर कार्य कर रहे संविदा श्रमिकों को भी नियमित घोषित किया जाए। सभा को मुन्ना खां, फागू लाल, बृजभान, सुनील पवार, हरदेव नारायण तिवारी ने संबोधित किया। अध्यक्षता पशुपति नाथ विश्वकर्मा और संचालन आरके शुक्ला ने किया।