सोनभद्र (ओबरा)। बिजली परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले ग्रामीणों को अब तक बिजली नहीं मिली रही है। रेेणुकापार के कई गांवों में अब तक विद्युतीकरण ही नहीं हो सका है। ओबरा डैम और पावर हाउस के लिए जमीन देने वाले पनारी ग्राम पंचायतों के तमाम टोलों में ढिबरी युग है।
ओबरा डैम के तटवर्ती जुर्रा, बकिया, पतगाड़ा, भोडार, सेमरदहवा, अमर स्रोता, पल्सो सहित दर्जनों गांव में बिजली नहीं है। पनारी के तटवर्ती टोलों के अलावा खाड़र, घुमतहवा, खैराही, धनबहवा, छात्तादांड, चौरिहवा, सेमरतर, गड़वानी, चैना टोला, कुम्हिया, मालोघाट, खास पनारी, पंचम खाड़ी, चंचलिया के साथ बैरपूर के करीब सभी टोले में विद्युतीकरण नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत परसोई के नवा टोला, मगरदहा, सेमरदह तथा गाड़ापाथर में खंभे और तार तो लगा दिए गए लेकिन उनमें न बिजली दी गई और न ही घरों में कनेक्शन दिया गया है। इसके अलावा परसोई के कनुहार, अमिरिनिया, पहरतरिया, अडुआपाथर, जमसोती, बोदरा, कबरौल, केजुआरी, दासहवां, डोफ, खटिहवां, खैरेटिया, खैराही एवं बभनमारी टोलों में अब तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। वहीं बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के खैरटिया स्थित गोंडवानी बस्ती विद्युतीकरण नहीं हो सका। इस टोले में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी प्रजापति बताती हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए कई वर्ष पूर्व ही शासन द्वारा विद्यालय में कम्प्यूटर की व्यवस्था कर दी गई थी, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण बच्चे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित हैं।