सेवा समर्पण संस्थान सेवा कुंज चपकी में रविवार को गुरुकुल परंपरा के अनुसार 151 आदिवासी छात्रों ने मुंडन कराकर विद्या आरंभ संस्कार कराया। इसमें यूपी, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड प्रांत के छात्र और उनके अभिभावक शामिल हुए।
संस्थान के संरक्षक वीरेंद्र नारायण शुक्ल की देखरेख में आयोजित विद्या आरंभ संस्कार में सबसे पहले गायत्री परिवार के आचार्य जितेंद्र कुमार और उनके 11 सहयोगी आचार्यों ने मंत्रोच्चार के साथ छात्रों को पवित्र कराया।
इसके बाद विधि-विधानपूर्वक सस्वर गायत्री मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया। सेवा समर्पण संस्थान के संगठन मंत्री आनंद कुमार के मुताबिक विद्या आरंभ संस्कार ग्रहण करने वाले छात्रों की उम्र आठ से 16 साल के बीच रही।
इसमें बारह जनजातियों जिसमें गोड़, खरवार, बैगा, चेरो, मांझी, उरांव, भूईयां, पनिका,अगरिया विरादरी के छात्र शामिल रहे। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के चार ब्लाकों चोपन, म्योरपुर, दुद्धी और बभनी के आदिवासी इस संस्कार में शामिल रहे।
कार्यक्रम का समापन मध्य प्रदेश शासन रिलायंस प्रोजेक्ट के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं संस्थान के अध्यक्ष आरबी पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से प्रतिवर्ष गुरुकुल के नियमों का पालन कराया जाता है।
यहीं वजह है कि आज भी विद्या आरंभ संस्कार छात्र ग्रहण कर रहे हैं। इस मौके पर मंत्री जेसी विमल, जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गोयल, हित रक्षा प्रमुख सुधाकर मिश्र मौजूद रहे।