साढ़े दस वर्ष पूर्व तेरह वर्षीय किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (सीएडब्लू) आशुतोष कुमार सिंह की अदालत ने दोषी को 15 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अपहरण की दोषी महिला समेत दो अन्य को 7- 7 वर्ष की कैद व 30-30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर 2- 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की आधी धनराशि 70 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र एक गांव निवासी व्यक्ति ने अपने अधिवक्ता के जरिए 11 अक्तूबर 2012 को कोर्ट में 156-3 के तहत प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया था कि उसकी बहन (13) को राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पाली गांव निवासी सरोज अपने साथ 2 अक्तूबर की शाम पोखरा पर लेकर गई थी। उसने मोबाइल से राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले गोविंद उर्फ कल्लू को बुलाया। गोविंद ने उसे आठ हजार रुपये दिया और उसकी बेटी को गोविंद के हवाले कर दिया। गोविंद ने बेटी को रात भर राबर्ट्सगंज में रखा और उसके बाद अगले दिन राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के ही रहने वाले शिवगुलाम को बुलाकर उसे पांच हजार दिए। उसे ट्रेन से विंध्याचल ले गया। वहां दो दिन रुकने के दौरान गोविंद ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी होने पर थाने को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने 7 नवंबर 2012 को केस दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोष सिद्घ होने पर दुष्कर्म के दोषी गोविंद उर्ह कल्लू को 15 वर्ष की कैद, वहीं अपहरण के दोषी शिवगुलाम व सरोज को 7-7 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार पाठक ने बहस की।