जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 143 बीटीएस टावर लगाने की कवायद जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। इसके लिए विगत दिनों डीएम ने सहायक महाप्रंबधक बीएसएनएल राबर्ट्सगंज को पत्र भेजकर टावरों के अधिष्ठापन के लिए सुझाव मांगा है। इसके बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
मालूम हो कि 2015 मेें जिले में 66 बीटीएस टावर लगाए गए। इसके बावजूद नेटवर्क की समस्याएं दूर नहीं हुई। मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ प्रांत की सीमा को स्पर्श करने वाले नक्सल प्रभावित जिले का अधिकांश क्षेत्रफल पहाड़ी है।
इन इलाकों में संचार व्यवस्था गड़बड़ होने से थाना और पुलिस चौकियों के इंचार्जों से संपर्क करने में उच्चाधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं वायरलेस सेट भी सही ढंग से काम नहीं करते।
नक्सल और पहाड़ी इलाकों के नेटवर्क की समस्या का सबसे अधिक खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ता है। इसके चलते एंबुलेंस को भी नहीं बुला जा सकता। हालांकि इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए पिछले माह एसपी रामलाल वर्मा ने डीएम को बीएसएनएल के बीटीएस टावर लगाने की के लिए पत्रचार किया।
एसपी की मांग को गंभीरता से लेते हुए 11 मार्च को डीएम ने सहायक महाप्रंबधक बीएसएनएल राबर्ट्र्सगंज को पत्र भेजकर टावरों के अधिष्ठापन के लिए सुझाव मांगा। बीएसएनएल के राबर्ट्सगंज सब डिविजन के प्रभारी एसडीओ/अवर अभियंता धर्मेेंद्र सिंह ने कहा कि कहां-कहां पर बीटीएस टावर लगने से नेटवर्क की समस्या दूर होगी, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।