सोनभद्र। सरकारी दर पर धान की खरीद करने के लिए जिले में 55 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान विक्रय करने के लिए साढ़े 11 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकारी आंकड़ों में एक नवंबर से केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक एक छटांक धान की खरीद नहीं हुई है। जबकि वर्ष 2018-19 में 1,12,200 एमटी धान क्रय करने का लक्ष्य मिला है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018-19 में धान का समर्थन मूल्य 1,750 एवं कामन मूल्य 1,770 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है। सरकारी आकड़ों में एक नवंबर से केंद्रों पर धान का क्रय शुरू हो गया है जो 28 फरवरी 2019 तक जारी रहेगा। इस वर्ष शासन ने जिला प्रशासन को 1,12,200 मीट्रिक टन धान की खरीद करने का लक्ष्य दिया है। जबकि पिछले वर्ष 78,860 एमटी धान क्रय करने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 1,02,276 मीट्रिक टन खरीद हुई थी। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व में धान विक्रय करने के लिए किसानों को 15 अक्तूबर तक ही रजिस्ट्रेशन कराने का समय दिया गया था जिसे बढ़ा कर 15 नवंबर तक कर दिया गया है। अभी तक तीनों तहसील क्षेत्र के साढ़े 11 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पंजीयन कराने वाले किसान ही धान विक्रय कर सकते है। राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में धान क्रय करने के लिए बनाए गए 55 केंद्रों पर खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। कहा कि दो नवंबर से साधन सहकारी समितियों के सचिव और पांच नवंबर से खाद्य विपणन विभाग के निरीक्षक, वरिष्ठ निरीक्षक प्रदेश व्यापी पर हड़ताल पर चले जाने की वजह से धान की खरीद प्रभावित हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए योजना बनाई जा रही है।