सोनभद्र। राबर्ट्सगंज में स्थित फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना फाइलों में ही कैद है। जिला खनिज निधि के धन से फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लगाने की योजना जिला प्रशासन ने करीब तीन माह पूर्व तैयार की थी। इसको लेकर बजट आदि की भी स्वीकृति हो चुकी है। लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर निविदा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे स्ट्रीट लगाने के कार्य को गति नहीं मिल सकी है।
राबर्ट्सगंज का फ्लाईओवर हादसा शायद ही किसी के जेहन से उतरा होगा। इस पर संदिग्ध रूप से हादसे में एक बाइक पर सवार तीन युवक और एक अज्ञात युवती की मौत हो चुकी है। बुधवार को एक बार फिर खड़े ट्रक में एक बाइक घुस गई। इससे उस पर सवार सीमा सुरक्षा बल के एक जवान समेत दो लोगों की मौत हो गई। लेकिन फ्लाईओवर पर न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं और न ही रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था। जिला प्रशासन ने राबर्ट्सगंज में स्थित फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लगाने की योजना करीब तीन माह पूर्व तैयार किया था। जिला खनिज निधि के धन से करोड़ों रुपये की लागत से यह कार्य कराये जाने की योजना तैयार की गई। लेकिन अब तक यह प्लान फाइलों में कैद है। बताया जा रहा है कि स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया की जानी थी लेकिन वह भी फाइलों में कैद है। इस बाबत विद्युत वितरण मंडल राबर्ट्सगंज के अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। इसको लेकर टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही टेंडर कराकर इस पर कार्य शुरू कराया जाएगा। बता दें कि फ्लाईओवर पर विद्युत प्रकाश की व्यवस्था न होने से अक्सर रात में दुर्घटनाएं होती हैं। दो वर्ष पूर्व तीन युवकों और एक अज्ञात युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अक्सर लोगों को डरा देती है। अब तक उस मामले का खुलासा नहीं हो सका है।