दुद्धी। उत्तराखंड में गंगा नदी के संरक्षण की मांग को लेकर सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे पर्यावरण विद प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को नगर क्षेत्र में लोगों ने इसके विरोध में जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। चेताया कि गंगा की पवित्रता और अविरलता को रोका गया तो आंदोलन तेज होगा।
क्षेत्रीय लोगों ने जुुलूस पीडब्लूडी गेस्ट हॉउस से निकला। इस दौरान लोग गंगा की जंग में, हम सब संग में का नारा लगा रहे थे। जुुलूस मां काली मंदिर से होकर तहसील पहुंचा। यहां सभा कर गंगा को अविरल बहने देने व अविलंब गंगा सुरक्षा एक्ट बनाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार वाराणसी गए थे, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है, लेकिन आज उसी मां की स्थिति दयनीय है और उसकी अविरल धारा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नमामि गंगे के कमेटी में रहे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल हरिद्वार के मातृ सदन में 19 दिनों से बेमियादी अनशन पर थे। पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री से प्रोफेसर अग्रवाल की मांगों को पूर्ण करने की मांग उठाई। इस दौरान एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रदर्शन में दिनेश अग्रहरि, प्रभु सिंह कुशवाहा, कुलभूषण पांडेय, अरुणोदय जौहरी, अभय सिंह, सिंगरौली प्रदूषण मुक्त वाहिनी संयोजक केवला दुबे, सुरेंद्र अग्रहरि, सुभेष मौर्या, श्रवण मौजूद रहे।