बिजली के निजीकरण के विरोध में विद्युत विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। गुरुवार को अभियंताओं, कर्मचारियों ने राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड कार्यालय के सामने धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग की।
यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि यूपी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के उत्पीड़न पर उतर आई है। पांच बड़े शहरों में बिजली के निजीकरण से आम जनता को ही नुकसान होगा। निजी कंपनियां ज्यादा बिल चार्ज करेंगी और उपभोक्ताओं का शोषण करेंगी। जहां कहीं भी निजीकरण का फैसला हुआ है वहां सरकार को सिर्फ हानि ही मिली है। वक्ताओं ने चेताया कि यदि निजीकरण का फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। रेणुकूट प्रतिनिधि के अनुसार पिपरी स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय के सामने गुरुवार को बुद्धि शुद्धि यज्ञ हुआ। इसमें निजीकरण का विरोध किया गया। विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार पांच महानगरों में निजीकरण का गलत कदम उठा रही है। पूर्व में आगरा में किए गए निजीकरण का प्रयोग जनता देख चुकी है। वक्ताओं ने कहा कि यदि निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान अंबिकेश यादव, अभिषेक पांडेय, जगजीवन राम, छोटेलाल, संदीप कुमार, रामचंद्र, वीरेंद्र कुमार मौजूद रहे।