अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) विनय कुमार सिंह की अदालत ने इंटर की छात्रा को अगवा करने के दोषी आरोपी जुगलेश को बुधवार को पांच वर्ष कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। पर्याप्त साक्ष्य न पाए जाने पर शेष सात आरोपी बरी कर दिए गए।
अभियोजन के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली के एक गांव की 12 वीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय किशोरी एक दिसंबर 2012 को शौच के लिए सिवान में निकली हुई थी। उसी दौरान कोतवाली क्षेत्र के मर्डा निवासी जुगलेश और मड़िहान थाना क्षेत्र के नदिहार निवासी अजय कुमार उसको अगवा कर बाइक से शाहगंज ले गए। शाहगंज तिराहे पर लक्ष्मीपति आडवाणी, निवासी पिपरवार, थाना घोरावल, रामसुमेर निवासी मर्डा मौजूद मिले। वहां से उसे लूसा ले जाकर जुगलेश के साथ ट्रेन में बिठा दिया गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर 15 दिसंबर को कोतवाली में मामला दर्ज हुआ। किशोरी के मिलने के बाद उससे पूछताछ के आधार पर जुगलेश, अजय, लक्ष्मीपति, रामसुमेर के अलावा किस्मती पत्नी दिनेश निवासी मर्डा, जोखन, उसकी पत्नी इसरावती को भी आरोपी पाया गया। सभी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, साजिश रचने की धाराओं में आरोप पत्र अदालत में प्रेषित किया गया। अभियोजन की पैरवी एडीजीसी क्रिमिनल बिंदू यादव ने की।